भारत अपनी आजादी की 75वीं सालगिरह मनाने जा रहा है। इंडियन पॉलिटिक्स के इस दौर ने कई धूप-छांव देखे हैं। इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी राजनीतिक कौशल, अनुभव, ज्ञान, दूरदृष्टि और संकल्प से भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाई है। दुनिया के इस बड़े लोकतंत्र के लिए यह अहम उपलब्धि है।
उन्होंने 1975 से 1977 के बीच देश में इमर्जेंसी लगाई थी। तब बेसिक सिविल लिबर्टीज पर रोक लग गई थी। प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी गई थी। वह दोबारा 1980 में सत्ता में लौट आईं। उन्होंने 1984 में स्वर्ण मंदिर में सेना को ऑपरेशन ब्लू स्टार का आदेश दिया था। इसका बदला लेने के लिए उनके अपने ही बॉडीगार्ड्स ने 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी थी।
महारानी गायत्री देवी का नाम गिनिज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। किसी चुनाव में सबसे ज्यादा वोटों के साथ जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड उनके नाम है। उन्होंने 1962 में स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता था। उन्होंने 1,75,000 मतों से जयपुर सीट से इस चुनाव में जीत दर्ज की थी। वह सवाई मान सिंह द्वितीय की तीसरी पत्नी थीं। कूच बिहार की राजकुमारी रह चुकी और जयपुर की राजमाता इंदिरा गांधी की धुर विरोधी थीं। इमर्जेंसी के दौरान उन्हें जेल तक में डाल दिया गया था।
इटली में जन्मी सोनिया गांधी राजीव गांधी से शादी करने के बाद इंडिया आ गई थीं। एक बम धमाके में उनके पति की अचानक मौत के बाद सोनिया को राजनीति में आना पड़ा। उनके मार्गदर्शन में देश में दो बार कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए की सरकार बनी। 2004 के चुनावों में यूपीए की जीत के बावजूद उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया था। अभी वह कांग्रेस की प्रमुख हैं।
बतौर एक्टर करियर की शुरुआत करने वाली जे जयललिता बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं। वह AIADMK की प्रमुख थीं। उनका नाम तमिलनाडु की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शुमार है। उनका राजनीतिक करियर करीब तीन दशक का रहा। उन्हें लोग प्यार से 'अम्मा' कहते थे। हालांकि, भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें जेल में रहना पड़ा था। 5 दिसंबर, 2016 को उनका देहांत हो गया था।
सुषमा स्वराज BJP के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थीं। उनकी जबर्दस्त प्रशासनिक क्षमता का देश को लाभ मिला। वह विदेश मंत्री बनने वाली देश की दूसरी महिला थीं। ट्विटर पर अपनी समस्या बताने वाले यूजर्स को फौरन उनकी मदद मिलती थी। दूसरों की सहायता करने के उनके इस भाव ने करोड़ों लोगों का दिल जीता था। देहांत के बाद 2020 में उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया।
पश्चिम बंगाल की पहली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लोग प्यार से दीदी कहते हैं। उन्होंने 1997 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। उन्होंने बंगाल में 34 साल पुरानी सीपीआईएम सरकार को सत्ता से हटाया था। वह देश की पहली महिला रेलमंत्री भी थीं।
मायावती चार पर आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हैं। उन्हें सबसे ताकतवर दलित नेता माना जाता है। देशभर में करोड़ों दलित उनका बहुत सम्मान करते हैं। उनसे प्रेरित होकर कई दलित महिलाओं ने राजनीति को अपना करियर बनाया है। वह बसपा की प्रमुख हैं।