दिवाली पर नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने का है प्लान? निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की ये खास सलाह और लोकेशन गाइड

Noida Real Estate Tips: दिवाली पर नोएडा में घर या दुकान खरीदने का मन बना रहे हैं, तो केवल लोकेशन नहीं, बल्कि रेंटल रिटर्न और रेरा स्टेटस चेक करना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, नोएडा एक्सटेंशन अब सस्ता विकल्प नहीं रहा, जबकि एक्सप्रेसवे और सेक्टर-45 के पास कनेक्टिविटी और सुविधाएं काफी बेहतर हैं। एक तरफ जहां रेजिडेंशियल में 2-3% रिटर्न मिलता है, वहीं कमर्शियल प्रॉपर्टी 5-9% तक का रिटर्न दे सकती है। जानें निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है

अपडेटेड Nov 03, 2026 पर 3:48 PM
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अब नोएडा एक्सटेंशन या ग्रेटर नोएडा वेस्ट पहले की तरह सस्ता या 'बजट हाउसिंग' का ऑप्शन नहीं रहा

Noida Real Estate Investment Tips: दिवाली के मौके पर अगर आप अपने सपनों का घर खरीदने या रियल एस्टेट में निवेश का प्लान बना रहे हैं, तो नोएडा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। वैसे बाजार के बदले रुझानों के बीच अब सही लोकेशन और प्रोजेक्ट का चुनाव करना सबसे अहम हो गया है।

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब नोएडा एक्सटेंशन या ग्रेटर नोएडा वेस्ट पहले की तरह सस्ता या 'बजट हाउसिंग' का ऑप्शन नहीं रहा, क्योंकि पिछले कुछ समय में यहां प्रॉपर्टी के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कनेक्टिविटी के लिहाज से ये सेक्टर्स हैं पहली पसंद


टीआरजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन शर्मा के मुताबिक, अगर आप बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं, तो इन सेक्टर्स पर नजर रख सकते हैं:

सेक्टर-45 के आसपास के सेंट्रल सेक्टर्स: यह इलाका अपने विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर और कई आधुनिक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जा रहा है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से लगे सेक्टर्स: एक्सप्रेसवे के आसपास का इलाका बेहतर आवागमन, ऑफिस हब्स, बड़े स्कूलों और अस्पतालों की नजदीकी के कारण बायर्स की पहली पसंद बना हुआ है।

घर खरीदने से पहले इन बातों को जरूर परखें

अपने सपनों का आशियाना फाइनल करने से पहले अपना बजट, ऑफिस से दूरी, आसपास स्कूल-अस्पताल की मौजूदगी, प्रोजेक्ट का स्वीकृत नक्शा, निर्माण की मौजूदा स्थिति और डिलीवरी की समयसीमा की जांच जरूर करें।

अटके हुए प्रोजेक्ट्स में मिल सकता है सस्ता घर

नोएडा एक्सटेंशन में कुछ ऐसी परियोजनाएं थीं जो पहले कानूनी या वित्तीय अड़चनों में फंसी हुई थीं। बाद में NCLT प्रक्रिया के माध्यम से इन्हें दूसरे डेवलपर्स या NBCC को सौंप दिया गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही कानूनी स्थिति और निर्माण की प्रगति जांचकर ऐसे प्रोजेक्ट्स में कम कीमत पर बेहतर डील मिलने की संभावना बनी रहती है।

रेजिडेंशियल बनाम कमर्शियल: कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?

प्रॉपर्टी से मिलने वाले रेंटल यील्ड यानी किराए से होने वाली कमाई की बात करें तो दोनों सेगमेंट में काफी अंतर है:

रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी: आवासीय मकानों या फ्लैट्स में सालाना रेंटल रिटर्न अमूमन 2 से 3 प्रतिशत के आसपास ही रहता है।

कमर्शियल प्रॉपर्टी: व्यावसायिक संपत्तियों में किराए से मिलने वाला रिटर्न 5 से 9 प्रतिशत या कुछ मामलों में 12% तक हो सकता है।

कमर्शियल में निवेश का गोल्डन रूल: कमर्शियल प्रॉपर्टी में पैसा हमेशा ऐसी लोकेशन पर लगाएं जहां घनी आबादी और ग्राहकों की अच्छी आवाजाही हो। उदाहरण के लिए- गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और क्रॉसिंग रिपब्लिक जैसे घने इलाकों में ऑर्गनाइज्ड कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग काफी ज्यादा है।

प्री-लीज्ड प्रॉपर्टी को दें प्राथमिकता: अगर कमर्शियल सेगमेंट में इन्वेस्ट कर रहे हैं, तो ऐसी दुकानों या ऑफिस स्पेस को तरजीह दें जहां पहले से किरायेदार मौजूद हों। इससे पजेशन के बाद किरायेदार ढूंढने का झंझट खत्म हो जाता है।

सेक्टर-150 की स्थिति: सेक्टर-150 में भी कमर्शियल संभावनाएं बन रही हैं, लेकिन वहां पैसा लगाने से पहले स्थानीय आबादी की बसावट और बाजार की वास्तविक मांग को समझना जरूरी है।

RERA ने बढ़ाई पारदर्शिता, बुकिंग से पहले यूं करें जांच

पिछले कुछ वर्षों में रेरा के आने से रियल एस्टेट सेक्टर में काफी पारदर्शिता आई है। नियमानुसार, डेवलपर्स को प्रोजेक्ट के कुल फंड का 70% हिस्सा एक अलग खाते में रखना अनिवार्य है, जिसका इस्तेमाल केवल कंस्ट्रक्शन के काम में होता है।

निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सलाह ये है कि, किसी भी बिल्डर को टोकन मनी देने या बुकिंग करने से पहले यूपी-रेरा (UP-RERA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर, मंजूर किए गए दस्तावेज और निर्माण कार्य की जमीनी प्रगति की पुष्टि अवश्य कर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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