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NPCI ने Google Pay, PhonePe और PayTM को दिया आदेश, बंद होंगी ये UPI आईडी, चेक करें कहीं ये आपकी तो नहीं

जल्द Google Pay, PhonePe और PayTM जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिये पेमेंट करने वाले ऐप्स के माध्यम से UPI पेमेंट नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और थर्ड पार्टी ऐप्स को उन खातों के लिए UPI सर्विस बंद करने का निर्देश दिया है जो एक साल से अधिक समय से एक्टिव नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 22, 2023 पर 6:13 PM
NPCI ने Google Pay, PhonePe और PayTM को दिया आदेश, बंद होंगी ये UPI आईडी, चेक करें कहीं ये आपकी तो नहीं
जल्द Google Pay, PhonePe और PayTM जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिये पेमेंट करने वाले ऐप्स के माध्यम से UPI पेमेंट नहीं कर पाएंगे।

जल्द Google Pay, PhonePe और PayTM जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स के जरिये पेमेंट करने वाले ऐप्स के माध्यम से UPI पेमेंट नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और थर्ड पार्टी ऐप्स को उन खातों के लिए UPI सर्विस बंद करने का निर्देश दिया है जो एक साल से अधिक समय से एक्टिव नहीं है। इसका मतलब यह है कि यदि आपने एक साल से अधिक समय तक ट्रांजेक्शन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल नहीं किया है, तो आपका यूपीआई अकाउंट फ्रीज कर दिया जाएगा और आप इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह 31 दिसंबर 2023 से होगा। यह गारंटी देकर कि केवल वे यूपीआई आईडी जो नियमित रूप से इस्तेमाल की जाती हैं, सिर्फ वह ही एक्टिव रहेंगी। यूपीआई आईडी का इस्तेमाल और एक्टिव अकाउंट को आगे ले जाने का काम सेफ्टी के लिए किया जा रहा है।

एनपीसीआई ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि इस कार्रवाई से यूपीआई ट्रांजेक्शन की सुरक्षा बढ़ेगी। इसके अलावा बहुत सारे गलत ट्रांजेक्शन को रोका जा सकेगा। एनपीसीआई के जारी निर्देशों के अनुसार, सभी एप्लिकेशन और बैंक अब से निष्क्रिय कस्टमर्स की यूपीआई आईडी और लिंक किए गए मोबाइल नंबर को मान्य करेंगे। एक साल में न तो क्रेडिट और न ही डेबिट होने पर यूपीआई आईडी बंद हो जाएगी।

यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि एनपीसीआई को गलत ट्रांजेक्शन की कई शिकायतें मिली हैं। लोग अक्सर अपना मोबाइल नंबर बदलते हैं लेकिन उसके साथ आने वाली यूपीआई आईडी को अपडेट करना भूल जाते हैं, जो इसका एक प्रमुख कारण है। यह नंबर किसी और को दिया गया है और यूपीआई अभी भी वहां सक्रिय है। इससे ये तय होगा कि पैसा उसे ही मिल रहा है जिसका नंबर है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसके चलते एनपीसीआई अब यह कदम उठा रहा है।

 

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