You Can become a crorepati by investing in PPF and NPS: क्या आप ऐसा निवेश करना चाहते हैं जो आपको करोड़पति बना दे? ऐसे कई निवेश माध्यम हैं, जो लंबी अवधि तक निवेश करने पर करोड़पति बना सकते हैं। इनमें शेयर (Share), म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds), डिपॉजिट्स स्कीम (Deposit Schemes) सहित कई माध्यम हैं। लेकिन, हम आपको ऐसे दो खास माध्यम के बारे में बता रहे हैं, जो लंबी अवधि में आपको करोड़पति भी बना देंगे। साथ ही इनमें आपका निवेस सुरक्षित भी बना रहेगा। ये हैं Public Provident Fund (PPF) और National Pension System (NPS)।
बेक्सले एडवाइजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर उत्कर्ष सिन्हा ने बताया, "एनपीएस और पीपीएफ दोनों ही लंबी अवधि के लक्ष्य (Long Term goals) को पूरा करने में मददगार हैं।" दोनों ही स्कीमों को सरकार का समर्थन हासिल है। इसलिए इनमें निवेश करने में जोखिम न के बराबर है। इनमें निवेश करना जटिल भी नहीं है।
पीपीएफ इनवेस्टर्स के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इसके रिटर्न के बारे में आपको पता चलता रहता है। टैक्स के लिहाज से भी यह बहुत आकर्षक है। पीपीएफ अकाउंट ओपन कर लंबी अवधि में बड़ा फंड जुटाया जा सकता है। निवेश पर सरकार की गारंटी होने से पैसे डूबने का डर नहीं होता है।
PPF में सालाना 7.1 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। इसमें एक वित्त वर्ष में न्यूनमत 500 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इस निवेश पर आपको इनकम टैक्स डिडक्शन की भी सुविधा मिलती है।
NPS एक स्वैच्छिक रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम (Voluntary retirement Scheme) है। अगर आप रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाना चाहते हैं तो यह स्कीम आपके लिए सही है। एनपीएस को दुनिया का सबसे लो-कॉस्ट पेंशन स्कीम माना जाता है। इसका एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज और फंड मैनेजमेंट फीस बहुत कम हैं। निवेशक के लिए इनवेस्टमेंट के कई ऑप्शंस मिलते हैं। वह रिस्क लेने की अपनी क्षमता के हिसाब से निवेश का फैसला ले सकता है।
बेक्सले के एमडी ने कहा कि एनपीएस इनवेस्टर्स को निवेश के लिए एक से ज्यादा ऑप्शंस देता है। फंड के परफॉर्मेंस को देखकर भी इनवेस्टमेंट का फैसला लिया जा सकता है। पीपीएफ में यह सुविधा नहीं मिलती है। हालांकि, उससे मिलने वाला रिटर्न फिक्स्ड होता है। एनपीएस का रिटर्न फिक्स्ड नहीं होता है।
सिन्हा ने कहा, "किसी निवेशक के लिए सबसे जरूरी है इनवेस्टमेंट इंस्टूमेंट का सही मिक्स। उसे कुछ पैसा फिक्स्ड रिटर्न इंस्टूमेंट में लगाना चाहिए तो कुछ पैसे इक्विटी में डालना चाहिए। एनपीएस और पीपीएफ इस लिहाज से बेहतर हैं।"