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NPS vs EPF: हर महीने ₹10,000 निवेश करने पर किसमें बनेगा ज्यादा फंड? जानिए टैक्स नियम और मुनाफे का सटीक कैलकुलेशन

NPS vs EPF Calculation: रिटायरमेंट पर मोटा फंड चाहिए या सुरक्षित गारंटीड रिटर्न? अगर आप हर महीने ₹10,000 बचाते हैं तो 25 साल बाद एनपीएस और ईपीएफ में कितना फर्क आएगा? जानिए रिजर्व बैंक व इनकम टैक्स (80CCD 1B) के आधिकारिक नियमों से दोनों का कंपैरिजन और निवेश का सही फॉर्मूला

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 9:11 AM
NPS vs EPF: हर महीने ₹10,000 निवेश करने पर किसमें बनेगा ज्यादा फंड? जानिए टैक्स नियम और मुनाफे का सटीक कैलकुलेशन
अगर आप हर महीने ₹10,000 का निवेश करते हैं, तो 25-30 सालों में NPS और EPF में से कौन सी स्कीम आपको ज्यादा अमीर बनाएगी?

NPS vs EPF 10000 Monthly Investment: रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय नौकरीपेशा लोगों के सामने दो सबसे भरोसेमंद विकल्प आते हैं कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)। दोनों ही योजनाएं लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करती हैं, लेकिन दोनों में ब्याज या रिटर्न की दर और टैक्स छूट के नियम काफी अलग हैं।

अगर आप हर महीने ₹10,000 का निवेश करते हैं, तो 25-30 सालों में NPS और EPF में से कौन सी स्कीम आपको ज्यादा अमीर बनाएगी? आइए आधिकारिक टैक्स नियमों और संभावित रिटर्न के आधार पर इसका पूरा गणित समझते हैं।

दोनों स्कीमों का बेसिक स्ट्रक्चर और रिटर्न का तरीका

EPF (फिक्स्ड और गारंटीड रिटर्न): ईपीएफओ (EPFO) द्वारा संचालित इस सरकारी स्कीम में ब्याज दर सरकार तय करती है। फिलहाल वित्त वर्ष 2023-24 के लिए EPF पर 8.25% सालाना ब्याज तय किया गया है। इसमें आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता।

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