NPS vs Mutual Funds: रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए NPS बेहतर है या म्यूचुअल फंड? जानें टैक्स, रिटर्न और लॉक-इन का पूरा गणित

NPS vs Mutual Funds for Retirement Planning: अब तक म्यूचुअल फंड्स के सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम का सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता था। लेकिन मई 2026 में PFRDA ने NPS के भीतर एक बड़ा बदलाव करते हुए 'रिटायरमेंट इनकम स्कीम' को पेश कर दिया है। इस नए नियम के बाद अब यह बहस और तेज हो गई है कि रिटायरमेंट के लिए दोनों में से कौन सा ऑप्शन बेहतर है

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 2:58 PM

NPS vs Mutual Funds for Retirement Planning: नौकरीपेशा हो या बिजनेसमैन, हर किसी को अपनी रिटायरमेंट की चिंता सताती है। बुढ़ापे में पैसों की तंगी न हो, इसके लिए लोग अभी से निवेश की प्लानिंग करने लगते हैं। जब बात लंबे समय में एक बड़ा फंड तैयार करने की आती है, तो मार्केट में दो सबसे प्रमुख नाम सामने आते हैं नेशनल पेंशन सिस्टम और म्यूचुअल फंड्स।

अब तक म्यूचुअल फंड्स के सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) को रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम का सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता था। लेकिन मई 2026 में पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के भीतर एक बड़ा बदलाव करते हुए 'रिटायरमेंट इनकम स्कीम' (RIS) को पेश कर दिया है। इस नए नियम के बाद अब यह बहस और तेज हो गई है कि रिटायरमेंट के लिए दोनों में से कौन सा ऑप्शन बेहतर है।

आइए आसान भाषा में टैक्स, रिटर्न, लॉक-इन और इस नए नियम के आधार पर पूरा गणित समझते हैं।


1. रिटर्न का गणित: रिस्क मैनेजमेंट बनाम हाई ग्रोथ

म्यूचुअल फंड्स: अगर आप पूरी तरह इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो लॉन्ग टर्म में आपको 12% से 15% तक का बंपर रिटर्न मिल सकता है। लेकिन इसमें शेयर बाजार का पूरा रिस्क होता है। रिटायरमेंट के समय भी अगर बाजार डूबा, तो आपका फंड प्रभावित होगा।

NPS का नया RIS नियम: एनपीएस में रिटर्न पूरी तरह मार्केट पर निर्भर नहीं रहता। इसके नए 'रिटायरमेंट इनकम स्कीम' (RIS) के तहत जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, वैसे-वैसे आपका रिस्क अपने आप कम होता जाएगा। उदाहरण के लिए, 60 साल की उम्र में इक्विटी एक्सपोजर 35% होगा, जो 75 साल की उम्र तक घटकर अपने आप 10% पर आ जाएगा और Debt/सरकारी बॉन्ड का हिस्सा बढ़ जाएगा ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे।

2. टैक्स और लॉक-इन

म्यूचुअल फंड्स: म्यूचुअल फंड में फ्लेक्सिबिलिटी सबसे ज्यादा होती है। इसमें कोई कड़ा लॉक-इन नहीं होता। आप जब चाहें पैसा निकाल सकते हैं। टैक्स की बात करें तो 1 साल से पहले निकालने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) और 1 साल के बाद निकालने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगता है।

NPS: एनपीएस मुख्य रूप से रिटायरमेंट के लिए ही बना है, इसलिए इसमें 60 साल की उम्र तक कड़ा लॉक-इन होता है। टैक्स के मोर्चे पर यह म्यूचुअल फंड से आगे है। इसमें आपको सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख और सेक्शन 80CCD (1B) के तहत अलग से ₹50000 की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा, 60 साल की उम्र पर निकाला गया 60% एकमुश्त फंड पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।

3. रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम: Mutual Fund SWP बनाम NPS RIS

60 साल की उम्र पार करने के बाद दोनों प्लेटफॉर्म से पैसे निकालने का तरीका अब बिल्कुल बदल गया है:

म्यूचुअल फंड का SWP: इसमें आप खुद तय करते हैं कि आपको हर महीने ₹10000 चाहिए या ₹20000। यह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो अपने पैसे पर पूरा कंट्रोल चाहते हैं। लेकिन इसका एक बड़ा रिस्क यह है कि अगर आपने शुरुआती सालों में बहुत ज़्यादा पैसे निकाल लिए या बाजार गिर गया, तो आपका पूरा फंड समय से पहले ही खत्म हो सकता है।

NPS का नया RIS: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, PFRDA का यह नया नियम गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह स्कीम आपको रिटायरमेंट के बाद भी 'हर महीने फिक्स सैलरी' जैसा अहसास देती है। इसमें आप फिक्स अमाउंट नहीं, बल्कि अपने कुल फंड का एक निश्चित प्रतिशत निकालते हैं, जिससे आपका पैसा लंबे समय तक चलता है और समय से पहले खत्म नहीं होता। उम्र बढ़ने के साथ फंड अपने आप सुरक्षित सरकारी योजनाओं में शिफ्ट होता रहता है, जिससे आपको बार-बार पोर्टफोलियो देखने की टेंशन नहीं रहती।

आपके लिए कौन सा बेहतर है?

विशेषज्ञों का मानना है कि एनपीएस का नया RIS नियम कोई बहुत ज्यादा रिटर्न देने की स्कीम नहीं है, बल्कि यह आपके बुढ़ापे के पैसे को अनुशासित तरीके से सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन जरिया है।

NPS किसके लिए बेस्ट है? अगर रिटायरमेंट के बाद आपकी कमाई का कोई दूसरा जरिया जैसे- किराया या अन्य पेंशन नहीं है और आप हर महीने बिना किसी टेंशन के एक सुरक्षित 'सैलरी' चाहते हैं, तो NPS RIS आपके लिए सबसे मजबूत विकल्प है।

म्यूचुअल फंड किसके लिए बेस्ट है? अगर आपके पास पहले से ही आय के अन्य स्रोत हैं, आप निवेश को खुद मैनेज कर सकते हैं और विड्रॉल के मामले में पूरी आजादी चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड का SWP आपके लिए ज्यादा प्रासंगिक रहेगा।

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