NSC में टैक्स छूट के साथ मिलती है रिटर्न की गारंटी, जानिए स्कीम की मुख्य बातें

एनएससी में इनवेस्टमेंट पर टैक्स-छूट मिलती है। सेक्शन 80 सी के तहत आप एनएससी में इनवेस्ट कर टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं

अपडेटेड Apr 21, 2022 पर 4:41 PM
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स में कम से कम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम में इनवेस्टमेंट के लिए कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है।

हाल की घटनाओं के बाद निश्चित रिटर्न वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इनमें रिस्क कम होता है। टैक्स छूट मिलती है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (National Saving Certificate) ऐसी ही एक स्कीम है। इसमें निवेश के क्या फायदे हैं, इसमें कितना रिटर्न मिलता है, इसमें कौन इनवेस्ट कर सकता है? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

कितना है इंट्रेस्ट रेट?

अभी इस स्कीम का इंट्रेस्ट रेट 6.8 फीसदी है। सरकार ने कम से लेकर मध्यम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रख यह स्कीम पेश की थी। इसमें बहुत कम जोखिम के साथ निश्चित रिटर्न मिलता है।


मिनिमम कितना इनवेस्ट करना होगा?

पोस्ट ऑफिस में यह स्कीम उपलब्ध है। यह सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम्स का हिस्सा है। सरकार स्मॉल सेविंग्स स्कीम के इंट्रेस्ट रेट की समीक्षा हर तिमाही करती है।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स में कम से कम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम में इनवेस्टमेंट के लिए कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है। आप चाहें तो ज्यादा इनवेस्टमेंट कर सकते हैं। लेकिन आपको एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये के इनवेस्टमेंट पर ही टैक्स छूट मिलेगी।

गिरवी रख लोन लिया जा सकता है?

कोई व्यक्ति खुद के लिए या बच्चे के नाम से इसमें इनवेस्ट कर सकता है। इस स्कीम की एक अच्छी बात यह है कि एनएससी को बैंक के पास गिरवी रख इस पर लोन लिया जा सकता है।

बैंक एफडी के मुकाबले कैसे बेहतर है?

हाल में एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने अलग-अलग मैच्योरिटी के एफडी पर इंट्रेस्ट रेट बढ़ाया है। एचडीएफसी बैंक 2 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5.1 से 5.6 फीसदी के बीच इंटरेस्ट ऑफर करता है। यह एफडी के पीरियड पर डिपेंड करता है। इस तरह यह स्कीम रिटर्न के मामले में बैंक एफडी के मुकाबले अच्छी है।

टैक्स छूट मिलती है क्या?

एनएससी में इनवेस्टमेंट पर टैक्स-छूट मिलती है। सेक्शन 80 सी के तहत आप एनएससी में इनवेस्ट कर टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। इसमें एक फाइनेंशियल ईयर में मैक्सिमस 1.5 लाख रुपये इनवेस्ट कर टैक्स डिडक्शन का फायदा उठाया जा सकता है।

पांच साल के बाद वापस मिल जाता है पैसा

एनएससी पांच साल में मैच्योर कर जाता है। इसका मतलब है कि इनवेस्ट करने के पांच साल बाद आपको अपना पैसा इंटरेस्ट के साथ वापस मिल जाता है। इस स्कीम एक एक अच्छी बात यह है कि मैच्योरिटी पर टीडीएस की इजाजत नहीं है।

 

इसमें रिइनवेस्टमेंट की सुविधा नहीं है

इस स्कीम में रिइनवेस्टमेंट का ऑप्शन नहीं है। इसका मतलब है कि मैच्योरिटी के बाद आपको नए एनएससी खरीदने होंगे।

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