Oberoi Realty Gurugram Project: भारत के रियल एस्टेट मार्केट से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। आमतौर पर जब लोग घर खरीदने निकलते हैं, तो महीनों तक बजट, ईएमआई और लोकेशन का गुणा-भाग करते हैं। लेकिन दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में एक ऐसा वाकया हुआ है, जहां ₹18 करोड़ की शुरुआती कीमत वाले सुपर-लक्जरी अपार्टमेंट्स को खरीदने के लिए अमीर खरीदारों की लाइन लग गई।
मुंबई के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर ओबेरॉय रियल्टी ने गुरुग्राम के मार्केट में कदम रखते ही इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अपने पहले ही लक्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के महज 7 दिनों के भीतर ₹8109 करोड़ की बंपर बुकिंग हासिल कर ली है। आइए जानते हैं इस मेगा डील की पूरी इनसाइड स्टोरी और आखिर ₹18 करोड़ वाले घर हाथों-हाथ कैसे बिक गए।
'Three Sixty North' का धमाका: आंकड़ों में समझिए यह मेगा सेल
ओबेरॉय रियल्टी ने शेयर बाजार को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में इस ऐतिहासिक सफलता के आंकड़े साझा किए हैं। कंपनी ने 29 जून को दिल्ली-एनसीआर के बाजार में एंट्री मारी थी और रविवार को आए आंकड़ों ने पूरे रियल एस्टेट सेक्टर को हैरान कर दिया। इस प्रोजेक्ट के पहले फेज का पूरा रिपोर्ट कार्ड इस प्रकार है:
आखिर ₹18 करोड़ के घर के लिए क्यों लगी लाइन? 3 बड़ी वजह
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गुरुग्राम के इस प्रोजेक्ट के सुपर हिट होने के पीछे तीन सबसे बड़े कारण रहे हैं:
1. प्रीमियम ब्रांड वैल्यू और ट्रांसपोर्टेबिलिटी
ओबेरॉय रियल्टी मुंबई के अल्ट्रा-लक्जरी मार्केट का एक बहुत बड़ा नाम है। दिल्ली-एनसीआर के अमीर खरीदार लंबे समय से एक ऐसे डेवलपर का इंतजार कर रहे थे जिसका ट्रैक रिकॉर्ड साफ-सुथरा हो और जो समय पर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की डिलीवरी देता हो। ओबेरॉय रियल्टी के सीएमडी (CMD) विकास ओबेरॉय ने लॉन्च के वक्त कहा भी था, 'हमें अब पूरा भरोसा है कि हमारा ब्रांड एनसीआर मार्केट में भी उतना ही मजबूत और भरोसेमंद साबित हुआ है।'
2. गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की हॉट लोकेशन
यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सबसे महंगे और तेजी से विकसित होते इलाके 'गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड' पर स्थित है। यह इलाका कॉरपोरेट हब्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और लक्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है। दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के नजदीक होने के कारण हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और कॉरपोरेट दिग्गजों के लिए यह पहली पसंद बन चुका है।
3. बड़े और आलीशान घरों की बढ़ती डिमांड
कोविड-19 महामारी के बाद से ही भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव आया है। अब पैसे वाले लोग केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि खुद के रहने के लिए बड़े, सुरक्षित और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं वाले गेटेड कम्युनिटीज की तलाश कर रहे हैं। 14.8 एकड़ में फैले इस बड़े प्रोजेक्ट ने ठीक उसी जरूरत को पूरा किया है।
₹16,000 करोड़ की बंपर कमाई का है इरादा
विकास ओबेरॉय के मुताबिक, कंपनी इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब ₹6000 करोड़ का कुल निवेश करने जा रही है। जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट से कंपनी को ₹16000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। पहले ही हफ्ते में ₹8109 करोड़ की बुकिंग करके कंपनी ने अपने आधे से ज्यादा के रेवेन्यू टारगेट को छू लिया है।
ओबेरॉय रियल्टी अब तक कुल 51 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की सफल डिलीवरी कर चुकी है, जो लगभग 17.3 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया में फैले हैं। इसके अलावा, वर्तमान में कंपनी का 34 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक का एरिया निर्माणाधीन है।