Paytm Crisis: अगर आपका फास्टैग (FASTag) पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) से जुड़ा है तो टोल प्लाजा पर परेशानी हो सकती है। दरअसल, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे फास्टैग सर्विस के लिए रजिस्टर 30 बैंकों की लिस्ट से बाहर कर दिया है। NHAI ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि कंपनी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में नियामकीय कार्रवाई का सामना कर रही है। अगर आपका भी फास्टैग पेटीएम पेमेंट्स बैंक में था, तो आप इसे डिएक्टिवेट करने के साथ पोर्ट भी कर सकते हैं। यहां आपको इसका तरीका बता रहे हैं।
क्या FASTag को पोर्ट किया जा सकता है, या इसे निष्क्रिय करना होगा? इसके अलावा एक अहम सवाल यह भी है कि कोई दूसरे FASTag पर कैसे स्विच करता है? नियामक बैंक ने 31 जनवरी को आदेश दिया कि PPBL को 29 फरवरी के बाद ग्राहकों के खातों, वॉलेट, फास्टैग और अन्य प्रोडक्ट में जमा या 'टॉप-अप' स्वीकार करना बंद करना होगा। लेकिन उससे पहले ही NHAI ने पेटीएम को झटका दे दिया है।
Paytm FASTag को निष्क्रिय करने का तरीका
1. फास्टैग पेटीएम पोर्टल पर लॉगइन करें। इसमें यूजर आईडी, वॉलेट आईडी और पासवर्ड डालना होगा।
2. अब फास्टैग नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और वैरिफिकेशन के लिए जरूरी कई अन्य जानकारियां डालनी होंगी।
3. पेज को नीचे स्क्रॉल करें और हेल्प एंड सपोर्ट विकल्प पर क्लिक करें।
4. अब ‘Need Help With Non-Order Related Queries?’ पर टैप करें।
5. इसके बाद फास्टैग प्रोफाइल अपडेट करने से जुड़ी क्वेरीज विकल्प चुनें।
6. यहां आई वांट टू क्लोज माई फास्टैग विकल्प का चयन करना होगा और आगे के स्टेप्स का पालन करना होगा।
FASTag को Paytm से पोर्ट करने का तरीका
1. Paytm से FASTag को पोर्ट या ट्रांसफर करने के लिए, उस बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करें जिसमें आप अपना FASTag ट्रांसफर कर रहे हैं।
2. उन्हें बताएं कि आप स्विच करना चाहते हैं।
3. आवश्यक जानकारी दें और पोर्टिंग हो जाएगी।
पेटीएम के बयान के अनुसार आरबीआई के नोटिस से यूजर्स के सेविंग अकाउंट, वॉलेट, फास्टैग और एनसीएमसी खातों में जमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
FASTag Services के लिए इन बैंकों के पास है मंजूरी
NHAI ने फास्टैग सर्विसेज के लिए रजिस्टर 30 बैंकों की लिस्ट में एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इलाहाबाद बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंक, कॉस्मोस बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और फेडरल बैंक शामिल हैं। इसके अलावा ऑथराइज्ड बैंकों की सूची में फिनो पेमेंट्स बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, IDBI बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, इंडियन बैंक, इंडसइंड बैंक, J&K बैंक, कर्नाटक बैंक, करूर वैश्य बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, नागपुर नागरिक सहकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सारस्वत बैंक भी शामिल हैं। लिस्ट में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), त्रिशूर जिला सहकारी बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक भी हैं। पहले इस लिस्ट में पेटीएम पेमेंट्स बैंक भी था, जो इस लिस्ट से बाहर हो गया है।
कैसे और क्या काम करता है FASTag?
फास्टैग एक डिवाइस है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिटीफिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी के जरिए स्पीड में चल रही गाड़ियों से सीधे खाते से टोल पेमेंट्स वसूल कर लेता है। फास्टैग (RFID टैग) चिप गाड़ी में आगे के शीशे पर लगाया जाता है। इससे एक अकाउंट जुड़ा होता है जिससे टोल के पैसे सीधे खाते से कट जाते हैं। देश के सभी नेशनल हाईवेज और 100 से अधिक स्टेट हाईवेज पर 750 से अधिक टोल प्लाजा लगे हुए हैं। NHAI फास्टैग को इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी मैनेज करती है।