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EPS में कैसे करेंगे पेंशन कैलकुलेट, जानिए क्या है सही तरीका

अगर किसी कर्मचारी ने 12 साल 4 महीने काम किया है तो उसे 12 साल ही माना जाएगा। लेकिन यदि उसने 12 साल 7 महीने काम किया है तो उसे 13 साल गिना जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 13, 2020 पर 9:07 PM
EPS में कैसे करेंगे पेंशन कैलकुलेट, जानिए क्या है सही तरीका

रिटायरमेंट के बाद आपको EPS योजना के तहत मासिक पेंशन कितना मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पेंशन योग्य वेतन कितना है और आपने कितने वर्षें तक पेंशन योग्य सेवा दी है। किसी भी PF खाताधारक सदस्य की मासिक पेंशन राशि का कैलकुलेशन इस सूत्र के अनुसार किया जाता है।

पेंशन = सैलरी X नौकरी के साल/70

किसी भी PF अकाउंट होल्डर का पेंशन योग्य वेतन उसके पिछले 12 महीनों के मासिक वेतन का औसत होता है। वहीं, EPFO सदस्य की वास्तविक सेवा अवधि ही पेंशन योग्य सेवा के रूप में मानी जाती है। पेंशन योग्य सेवा अवधि की गणना के समय विभिन्न नियोक्ताओं और कंपनियों में की गई नौकरी की अवधि को जोड़ा जाता है।

इसके लिए कर्मचारी को EPS स्कीम सर्टिफिकेट हासिल करना होता है और हर बार नौकरी बदलने पर उसे यह प्रमाण पत्र नए नियोक्ता/कंपनी के पास जमा करना आवश्यक होता है। कर्मचारी अगर 20 साल नौकरी कर लेता है तो उसे दो साल का बोनस मिलता है। लेकिन यदि सदस्य अपने EPS फंड को 10 साल की सेवा अवधि पूरी करने से पहले या किसी अन्य कंपनी में शामिल होने पर निकाल लेता है तो उसे EPS खाते में योगदान के लिए नए सिरे से शुरूआत करनी होती है और सेवा अवधि शून्य से निर्धारित की जाएगी। पेंशन योग्य सेवा अवधि 6 महीनों के आधार पर गिनी जाती है। अगर किसी कर्मचारी ने 12 साल 4 महीने काम किया है तो उसे 12 साल ही माना जाएगा। लेकिन यदि उसने 12 साल 7 महीने काम किया है तो उसे 13 साल गिना जाएगा।

EPS के तहत मिलने वाले फायदे

-रिटायरमेंट के बाद- 58 साल की आयु हो जाने पर एक EPS स्कीम सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जिसका इस्तेमाल मासिक पेंशन निकालने के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म 10D को भरने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, 10 वर्ष की सेवा के बाद भी आप पेंशन निकाल सकते हैं।

-सेवा छोड़ने पर- यदि कोई सदस्य 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने से पहले 10 वर्षों तक सेवा में नहीं रह पाता है, तो वह 58 वर्ष की आयु में फॉर्म 10C भरकर पूरी राशि निकाल सकता है। हालांकि, रिटायर्मेंट के बाद उन्हें मासिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

-विकलांग होने पर- यदि EPFO का कोई भी सदस्य पेंशन योग्य सेवा अवधि पूरी करने से पहले विकलांग हो जाता है तो भी वह मासिक पेंशन का हकदार होगा। उसके नियोक्ता कंपनी को कम से कम एक महीने के लिए उसके EPS खाते में धन जमा करना होगा। इसके बाद कर्मचारी स्थायी विकलांगता की तारीख से मासिक पेंशन का हकदार हो जाता है और जीवनभर उसे पेंशन मिलती है।

-कर्मचारी की मृत्यु होने पर- सेवा में रहते हुए कर्मचारी की मृत्यु होने पर नियोक्ता या कंपनी द्वारा कम से कम एक महीने उस कर्मचारी के EPS खाते में धन जमा किए जाने पर कर्मचारी का परिवार पेंशन का हकदार हो जाता है। वहीं, अगर कर्मचारी ने 10 साल की सेवा पूरी कर ली है, पर 58 वर्ष की आयु से पहले ही उसकी मौत हो जाती है तो भी उसके परिवार को मासिक पेंशन मिलेगी। इसके अलावा मासिक पेंशन शुरू होने के बाद यदि कर्मचारी की मृत्यु होती है तो भी उसके परिवार को मासिक पेंशन मिलेगी।

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