मार्च 2020 में कोविड शुरू होने पर मनीष सिंह की नौकरी चली गई। लॉकडाउन लगने के बाद दोबारा नौकरी मिलने की संभावना खत्म हो गई। वह एनबीएफसी और लोन ऐप से कर्ज लेने को मजबूर हो गए, क्योंकि खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से बैंक उन्हें लोन देने के लिए तैयार नहीं थे। छह महीने बाद उन्हें नौकरी मिल गई। उन्हें क्रेडिट कार्ड्स (Credit Card Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) के ऑफर आने लगे। उन्होंने कई क्रेडिट कार्ड्स बनवा लिए और कई पर्सनल लोन यह सोचकर ले लिए कि इससे वह एनबीएफसी और लोन ऐप से लिए गए कर्ज को चुका देंगे। इस तरह उनका कुल क्रेडिट कार्ड लोन और पर्सनल लोन बढ़कर 30 लाख रुपये तक पहुंच गए।
