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पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड लोन...क्या आप कर्ज के जाल में बुरी तरह फंस चुके हैं? जानिए क्या है इससे बाहर आने का रास्ता

व्यक्ति अनजाने में बैंक से और क्रेडिट कार्ड पर कई पर्सनल लोन ले लेता है। एक समय बाद यह लोन चुकाना उसके लिए मुश्किल हो जाता है। फिर वह डिफॉल्ट करना शुरू कर देता है। बैंक और एनबीएफसी के एजेंट उसका जीना मुहाल कर देते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 15, 2024 पर 2:51 PM
पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड लोन...क्या आप कर्ज के जाल में बुरी तरह फंस चुके हैं? जानिए क्या है इससे बाहर आने का रास्ता
क्रेडिट काउंसलर लोन चुकाने में क्लाइंट की मदद करता है। वह बैंक और एनबीएफसी से बातचीत कर लोन पेमेंट का प्लान तैयार करता है।

मार्च 2020 में कोविड शुरू होने पर मनीष सिंह की नौकरी चली गई। लॉकडाउन लगने के बाद दोबारा नौकरी मिलने की संभावना खत्म हो गई। वह एनबीएफसी और लोन ऐप से कर्ज लेने को मजबूर हो गए, क्योंकि खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से बैंक उन्हें लोन देने के लिए तैयार नहीं थे। छह महीने बाद उन्हें नौकरी मिल गई। उन्हें क्रेडिट कार्ड्स (Credit Card Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) के ऑफर आने लगे। उन्होंने कई क्रेडिट कार्ड्स बनवा लिए और कई पर्सनल लोन यह सोचकर ले लिए कि इससे वह एनबीएफसी और लोन ऐप से लिए गए कर्ज को चुका देंगे। इस तरह उनका कुल क्रेडिट कार्ड लोन और पर्सनल लोन बढ़कर 30 लाख रुपये तक पहुंच गए।

2020 में हुई थी FREED की शुरुआत

रितेश श्रीवास्तव ने FREED की शुरुआत 2020 में की थी। वह बताते हैं कि उनके कई क्लाइंट्स के लोन चुकाने की अवधि 90 दिन पहले बीत चुकी है। उनके लोन एनपीए कैटेगरी में चले गए हैं। बैंकों के एजेंट्स लोन की वसूली के लिए ग्राहक के पीछे पड़े हुए हैं। वह बताते हैं कि क्लाइंट की वित्तीय स्थिति, जॉब और पर्सनल लाइफ को देखने के बाद एक पेमेंट प्लान तैयार किया जाता है। FREED हर उस बैंक और एनबीएफसी से बात करती है, जिससे उसके क्लाइंट ने लोन लिया होता है। वह बैंक के साथ मिलकर रिजॉल्यूशन प्लान तैयार करती है।

लोन काउंसलर बैंक और एनबीएफसी से बात करता है

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