अपना खुद का आशियाना बनाना हर इंसान का एक बड़ा सपना होता है। लेकिन घर खरीदने के इस सफर में सबसे खतरनाक पल वह होता है, जब बैंक आपको यह बताता है कि आप कितने रुपये के लोन के लिए एलिजिबल हैं। आमतौर पर आपको जितनी उम्मीद होती है, बैंक उससे कहीं बड़ा लोन ऑफर करते हैं। और ऐसे होते ही आप एक ट्रैप में फंसने के लिए तैयार होने लगते हैं। इतनी बड़ी रकम को देखकर अचानक इंसान को थोड़ा बड़ा फ्लैट, बेहतर सोसायटी या एक एक्स्ट्रा बेडरूम वाला घर भी अपनी पहुंच में लगने लगता है। लेकिन यहीं पर लोग सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। आपको यह समझना बेहद जरूरी है कि बैंक आपको जितना लोन देने के लिए तैयार है, और आप अगले 20 सालों तक जितनी ईएमआई आसानी से चुका सकते हैं, उन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है।
