PMAY Urban 2.0: अब तक 18 लाख से अधिक घर मंजूर! जानिए कौन-कौन है पात्र और कैसे मिलेगा फायदा

PM Awas Yojana Urban 2.0: केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0' के तहत अब तक 18.77 लाख से अधिक घर मंजूर किए जा चुके हैं। ₹9 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों के लिए शुरू की गई इस योजना में न केवल पक्का घर बनाने के लिए वित्तीय मदद मिल रही है, बल्कि होम लोन पर भारी ब्याज सब्सिडी का भी फायदा दिया जा रहा है। जानिए EWS, LIG और MIG कैटेगरी की पात्रता शर्तें, योजना के 4 बड़े फायदे

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 3:02 PM
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यह योजना न केवल घर बनाने और खरीदने में वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि होम लोन पर भारी ब्याज सब्सिडी भी देती है

PMAY-Urban 2.0 Updates: शहरी क्षेत्रों में बेघर और जरूरतमंद परिवारों को अपना पक्का मकान मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को लेकर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बड़ा अपडेट जारी किया है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 18.77 लाख घरों की मंजूरी दी जा चुकी है।

यह योजना न केवल घर बनाने और खरीदने में वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि होम लोन पर भारी ब्याज सब्सिडी भी देती है। आइए जानते हैं इस योजना के तहत पात्रता, आय सीमा और इसके 4 प्रमुख घटकों के बारे में विस्तार से।

PMAY-U 2.0: कौन-कौन ले सकता है फायदा?


प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को कवर किया जाता है।

₹9 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार इस योजना के अलग-अलग घटकों के तहत आवेदन करने के पात्र हैं। आवेदक परिवार के पास देश में कहीं भी पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। पात्रता का निर्धारण परिवार की आय, संपत्ति के प्रकार और मांगे गए लोन की शर्तों पर निर्भर करता है।

योजना के 4 प्रमुख घटक

योजना को 4 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है ताकि हर वर्ग की आवश्यकता के अनुसार मदद दी जा सके:

लाभार्थी के नेतृत्व में निर्माण (BLC): इसके तहत अपनी जमीन रखने वाले पात्र परिवार अपना पक्का मकान बनाने के लिए सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

भागीदारी में किफायती आवास (AHP): स्वीकृत प्राइवेट व सरकारी प्रोजेक्ट्स के तहत बने किफायती मकानों को खरीदने के लिए सब्सिडी व मदद दी जाती है।

किफायती किराये के मकान (ARH): शहरी प्रवासियों और गरीबों को सस्ते किराये पर मकान उपलब्ध कराए जाते हैं।

ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): जो लोग होम लोन लेकर घर बनाना या खरीदना चाहते हैं, उन्हें होम लोन के ब्याज पर सरकार की तरफ से सीधी सब्सिडी मिलती है।

महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता

सरकार ने PMAY-U 2.0 में महिला सशक्तिकरण और वंचित समूहों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।मंजूर किए गए 18.77 लाख घरों में से 17.19 लाख घर (लगभग 92%) एकल या संयुक्त रूप से महिलाओं के नाम पर आवंटित किए गए हैं। सामाजिक श्रेणियों को आवंटन:

  • वरिष्ठ नागरिक: 1.80 लाख घर
  • ओबीसी (OBC): 8.22 लाख घर
  • अनुसूचित जाति (SC): 3.25 लाख घर
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 1.02 लाख घर

1.25 करोड़ से अधिक कुल मकान मंजूर

PMAY-U के पहले चरण और PMAY-U 2.0 को मिलाकर सरकार अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों की मंजूरी दे चुकी है। इसमें से 1 करोड़ से ज्यादा पक्के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

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