सरकार ने 5 साल आगे बढ़ाई मुफ्त राशन की योजना, अब दिसंबर 2028 तक मिलेगा लाभ, ये परिवार उठा सकते हैं फायदा

सरकार ने 29 नवंबर को 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन (Free Ration) उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को पांच और सालों के लिए बढ़ा दिया है। अब ये योजना दिसंबर 2028 तक रहेगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि इससे सरकारी खजाने पर 11.8 लाख करोड़ रुपए का खर्च आएगा

अपडेटेड Nov 29, 2023 पर 7:09 PM
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को एक जनवरी 2024 से अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

सरकार ने 29 नवंबर को 80 करोड़ गरीब लोगों को मुफ्त राशन (Free Ration) उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को पांच और सालों के लिए बढ़ा दिया है। अब ये योजना दिसंबर 2028 तक रहेगी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने कहा कि इससे सरकारी खजाने पर 11.8 लाख करोड़ रुपए का खर्च आएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को एक जनवरी 2024 से अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है। योजना को पहले 31 दिसंबर 2023 तक विस्तार दिया गया था। मंत्री ने कहा कि अगले पांच सालों में योजना पर करीब 11.8 लाख करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

ये लोग उठा सकते हैं फायदा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) तीन महीने के पीरियड के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान सहायता देने के लिए अप्रैल 2020 में लॉन्च किया गया था। पीएमजीकेएवाई को बाद में बढ़ा दिया गया था। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 किलो अनाज मिलता है। पीएमजीकेएवाई को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के साथ जोड़ दिया गया। NFSA में 2 केटेगरी हैं जिसमें 75% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी शामिल है। इस योजना के तहत अत्यंत गरीब परिवारों को एनएफएसए के तहत 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच सब्सिडी वाले राशन के तहत पांच किलो अनाज मिलता है।


ये परिवार उठा सकते हैं फायदा

यह योजना मुख्य रूप से अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले परिवारों (PHH) के अंतर्गत आने वाले परिवारों को पूरा करती है। इसके अतिरिक्त विधवाओं, असाध्य रूप से बीमार व्यक्तियों, विकलांग व्यक्तियों या 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा आदिवासी परिवार, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, ग्रामीण कारीगर और अनौपचारिक क्षेत्र में आजीविका कमाने वाले व्यक्ति, जिनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले, रिक्शा चालक, कुली और अन्य शामिल हैं। सहायता के लिए पात्र हैं। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले और एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों के परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जाता है।

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