घर की छत पर सोलर लगाने की स्कीम क्या दुकान की छत पर भी काम कर सकती है? सब्सिडी का नियम समझिए
PM Surya Ghar Yojana For Commercial: घर की छत और दुकान की छत पर सोलर पैनल लगवाने पर सरकारी सब्सिडी के नियम अलग-अलग है। वैसे अगर आपकी दुकान और घर एक ही बिल्डिंग में हैं, तो आप अपने घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन कर सकते है और सब्सिडी...
अगर आप भी अपनी दुकान या ऑफिस पर सोलर लगाने की सोच रहे हैं, तो इन नियमों को समझ लीजिए
PM Surya Ghar Solar Yojana : सरकार की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' इस समय देश भर में धूम मचा रही है। लाखों लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल जीरो कर रहे हैं। और सरकार को बिजली बेचकर पैसे भी कमा रहे है। इस बड़ी सफलता को देखते हुए अक्सर छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और शोरूम मालिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि 'जो स्कीम घर की छत के लिए है, क्या वह उनकी दुकान की छत पर भी काम करेगी, क्या दुकान पर सोलर लगाने के लिए भी सरकारी सब्सिडी मिलेगी?
अगर आप भी अपनी दुकान या ऑफिस का भारी-भरकम बिजली बिल कम करने के लिए सोलर लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए सरकार के नियमों को सही से समझना बेहद जरूरी है।
दुकान की छत पर काम करेगी सब्सिडी वाली स्कीम?
इस सवाल का सीधा और साफ जवाब यह है कि आप अपनी दुकान की छत पर सोलर सिस्टम बिल्कुल लगवा सकते हैं और नेट-मीटरिंग का फायदा भी ले सकते हैं, लेकिन आपको पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली 'सरकारी सब्सिडी' नहीं मिलेगी।
सरकार के नियमों के मुताबिक, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सब्सिडी केवल घरेलू या आवासीय उपभोक्ताओं के लिए ही सीमित है। दुकान, शोरूम, गोदाम, छोटा कारखाना या ऑफिस 'कमर्शियल कैटेगरी' में आते हैं, इसलिए इन पर सीधे तौर पर कोई नकद सब्सिडी नहीं दी जाती है।
दुकान पर सोलर लगाने के क्या हैं नियम और फायदे?
भले ही आपको सीधे बैंक खाते में सब्सिडी न मिले, लेकिन दुकान की छत पर सोलर पैनल लगाना घाटे का सौदा बिल्कुल नहीं है। कमर्शियल प्रॉपर्टी पर सोलर लगाने के अपने अलग बड़े फायदे हैं:
कमर्शियल बिजली दर से राहत: घरों के मुकाबले दुकानों और कमर्शियल प्रॉपर्टी की बिजली दरें काफी ज्यादा होती हैं। ऐसे में दुकान पर सोलर लगाने से आपका मासिक फिक्स्ड चार्ज और महंगा बिजली बिल सीधे 80 से 90% तक कम हो सकता है।
नेट-मीटरिंग की सुविधा: दुकान बंद होने के बाद जो बिजली आपका सोलर पैनल बनाएगा, वह ग्रिड को चली जाएगी। नेट-मीटरिंग के जरिए यह बिजली आपके मुख्य बिल में एडजस्ट हो जाएगी।
इसके साथ ही टैक्स देने वाले व्यापारियों के लिए सरकार एक खास फायदा देती है। दुकानदार सोलर सिस्टम की लागत पर इनकम टैक्स में 'एक्सेलरेटेड डेप्रिसिएशन' का दावा कर सकते हैं, जिससे बिजनेस टैक्स में बड़ी बचत होती है।
सब्सिडी या फ्रीडम रूट? दुकानदारों के लिए कौन सा रूट है बेहतर
जैसा कि हाल ही में सोलर नियमों में हुए बदलावों के दौरान सामने आया है, उपभोक्ताओं के पास दो मुख्य ऑप्शन सब्सिडी या फ्रीडम रूट हैं। वैसे कमर्शियल के लिए 'फ्रीडम रूट' बेस्ट। चूंकि दुकानदारों को सब्सिडी नहीं मिलनी है, इसलिए उनके लिए 'फ्रीडम रूट' सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसमें आपको सरकार की मंजूरशुदा लिस्ट (ALMM List) के कड़े नियमों और लंबे पेपरवर्क में नहीं फंसना पड़ता।
फ्रीडम रूट के तहत आप अपनी दुकान की जरूरत के हिसाब से बाजार में मौजूद लेटेस्ट और सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे- HJT, HDT पैनल, एडवांस हाइब्रिड इन्वर्टर या लिथियम बैटरी बैकअप चुन सकते हैं, जो भारी बिजली लोड को भी आसानी से संभाल सके।
दुकान पर सोलर लगवाने के लिए सब्सिडी वाले रूट में आपको कुछ खास फायदा नहीं मिलता है।
उपभोक्ताओं और दुकानदारों के लिए काम की सलाह
अगर आपकी दुकान और घर एक ही बिल्डिंग में हैं, तो आप अपने घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन करके सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। लेकिन अगर आपकी दुकान का मीटर शुद्ध रूप से कमर्शियल है, तो बिना सब्सिडी के ही सोलर लगवाना आपके बिजनेस के लिए एक लॉन्ग-टर्म और बेहद मुनाफे वाला निवेश साबित होगा, जिसकी पूरी लागत अगले 3 से 4 साल में बिजली बिल की बचत से वसूल हो जाती है।