PM सूर्य घर स्कीम से बिल जीरो करने के बाद सरकार को बिजली बेचकर कैसे कमाएं पैसा? जानें स्टेप बाय स्टेप पूरा प्रोसेस
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: सरकार की फ्लैग्शिप पीएम सूर्य घर स्कीम न केवल आपके परिवार को महंगे बिजली बिलों से हमेशा के लिए आजादी देती है, बल्कि आपकी खाली पड़ी छत को अगले 25 सालों के लिए रेगुलर कमाई करने वाला एक छोटा सा पावर प्लांट बना देती है। जानिए इससे जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब
हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा बिजली जनरेट होने पर एक्स्ट्रा बिजली सीधे सरकार को बेचकर मोटी कमाई की जा सकती है
PM Surya Ghar Yojana Earning Process: सरकार की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' का देश में जबरदस्त क्रेज चल रहा है। इस स्कीम का फायदा उठाते हुए लोग अपना बिजली बिल तो जीरो कर ही रहे हैं, इसके साथ ही पैसे भी कमा रहे हैं। वैसे बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है कि बिल जीरो होने के बाद बची हुई एक्स्ट्रा बिजली का क्या होता है?
अगर आपका सिस्टम हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा बिजली जनरेट करता है तो एक्स्ट्रा बिजली सीधे सरकार को बेचकर मोटी कमाई की जा सकती है। सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम के जरिए यह बेहद आसान है।
आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं कि मुफ्त बिजली के बाद सरकार से पैसे लेने का पूरा प्रोसेस क्या है।
क्या है 'नेट मीटरिंग' और यह कैसे काम करता है?
अगर आप सरकार को बिजली बेचना चाहते हैं, तो इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ है 'नेट मीटर' या 'बाय-डायरेक्शनल मीटर'। आपके घर में लगा सामान्य बिजली मीटर सिर्फ यह नापता है कि आपने ग्रिड यानी सरकारी लाइन से कितनी बिजली ली। लेकिन नेट मीटर एक जादुई मीटर है, जो दोतरफा काम करता है। यह नापता है कि आपने कितनी बिजली ली और आपके सोलर पैनल ने जरूरत से ज्यादा जो बिजली बनाई, उसे वापस ग्रिड में कितना भेजा।
मान लीजिए किसी महीने आपके सोलर पैनल ने 400 यूनिट बिजली बनाई। आपके घर में सिर्फ 250 यूनिट खर्च हुई। ऐसे में बची हुई 150 यूनिट बिजली ऑटोमैटिक तरीके से नेट मीटर के जरिए सरकारी ग्रिड में चली जाएगी।
पैसे कैसे और कब मिलते हैं?
PM सूर्य घर योजना में एक्स्ट्रा बिजली बेचने पर मिलने वाले पैसों को लेकर बिजली मंत्रालय और राज्य नियामक आयोगों के नियम बेहद स्पष्ट हैं। हर महीने के बिलिंग साइकिल में आपके द्वारा बेची गई की गई यूनिट्स को इस्तेमाल की गई यूनिट्स में से घटा दिया जाता है।
अगर आपकी बेची गई बिजली ज्यादा है, तो वह अगले महीने के बिल में क्रेडिट के रूप में ट्रांसफर हो जाती है। वित्तीय वर्ष के अंत में आमतौर पर मार्च महीने में डिस्कॉम कंपनियां आपके पूरे साल के बचे हुए कुल क्रेडिट का हिसाब करती हैं।
किस रेट पर मिलता है पैसा?
बची हुई एक्स्ट्रा बिजली को सरकार आपके राज्य के औसत बिजली खरीद लागत(APPC) की दरों पर खरीदती है। यह रेट अलग-अलग राज्यों में ₹3 से ₹4.50 प्रति यूनिट तक हो सकता है। सेटलमेंट के बाद यह रकम सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है या आपके बिजली खाते में जमा कर दी जाती है।
ध्यान रहे कि भले ही आपका बिजली बिल जीरो हो जाए, लेकिन आपके राज्य के नियमों के मुताबिक न्यूनतम फिक्स चार्ज और टैक्स बिल में लागू रह सकते हैं, जो इसी कमाई से एडजस्ट हो जाते हैं।
सरकार को बिजली बेचने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अगर आप भी इस योजना के जरिए 'प्रोज्यूमर' यानी बिजली बनाने और बेचने वाले बनना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल पर यह स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले भारत सरकार के नेशनल पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाएं। अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी का नाम और अपना उपभोक्ता नंबर डालकर रजिस्टर करें।
फीजिबिलिटी अप्रूवल: आवेदन करने के बाद आपकी स्थानीय डिस्कॉम कंपनी यह जांच करेगी कि आपके घर की छत और वहां का स्थानीय ग्रिड ट्रांसफॉर्मर सोलर लोड लेने में सक्षम है या नहीं। इसे तकनीकी व्यवहार्यता मंजूरी कहते हैं।
सर्टिफाइड वेंडर से इंस्टॉलेशन: मंजूरी मिलने के बाद, पोर्टल पर लिस्टेड आधिकारिक और एम्पैनल्ड वेंडर से ही सोलर सिस्टम लगवाएं। सरकार को बिजली बेचने और सब्सिडी पाने के लिए 'मेड इन इंडिया' (DCR) सोलर पैनल लगाना अनिवार्य है।
नेट मीटर के लिए आवेदन: सोलर प्लांट इंस्टॉल होने के बाद वेंडर या आप खुद पोर्टल पर नेट मीटरिंग और निरीक्षण के लिए अप्लाई करेंगे।
कमीशनिंग सर्टिफिकेट: डिस्कॉम अधिकारी आपके घर आकर नेट मीटर लगाएंगे और सिस्टम की जांच के बाद एक ऑनलाइन कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी करेंगे। इसके बाद आपकी मुफ्त बिजली और कमाई का मीटर आधिकारिक रूप से चालू हो जाएगा।
सोलर सिस्टम लगाने में सरकार कितना देती है सब्सिडी?
कमाई शुरू करने से पहले आपको सोलर सिस्टम लगाने के लिए सरकार से बड़ी सब्सिडी भी मिलती है, जो सीधे आपके खाते में आती है:
सोलर प्लांट की क्षमता (kW)
औसतन मासिक खपत (यूनिट)
सब्सिडी
1 kW
0 - 150
₹30000
2 kW
0 - 150
₹60000
3 kW या उससे अधिक
150 - 300 या अधिक
₹78000 (अधिकतम सीमा)
नोट: कुछ राज्य सरकारें इसके अलावा अपनी तरफ से अलग से भी एक्स्ट्रा सब्सिडी देती हैं। जैसे-उत्तर प्रदेश में 3 kW या उससे अधिक का सोलर सिस्टम लगवाने पर ₹30000 की एक्स्ट्रा सब्सिडी मिलती है।
इस प्रकार, पीएम सूर्य घर योजना न केवल आपके परिवार को महंगे बिजली बिलों से हमेशा के लिए आजादी देती है, बल्कि आपकी खाली पड़ी छत को अगले 25 वर्षों के लिए रेगुलर कमाई करने वाला एक छोटा सा पावर प्लांट बना देती है।