PM सूर्य घर योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए कितनी होनी चाहिए जगह? आवेदन से पहले जान लें ये जरूरी नियम

PM Surya Ghar Yojana: सरकार की आधिकारिक गाइडलाइंस के मुताबिक, आप जितने किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, छत पर उतनी ही खाली जगह होनी चाहिए। इसके लिए एक बेसिक फॉर्मूला तय किया गया है। जानिए पूरा नियम

अपडेटेड May 25, 2026 पर 5:44 PM
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अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो छत के क्षेत्रफल और सब्सिडी से जुड़े इन जरूरी नियमों को जान लीजिए

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए लोगों में काफी उत्साह है। इस योजना का लोग खूब फायदा उठा रहे हैं। लेकिन इसके लिए आवेदन करने से पहले सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सोलर पैनल लगवाने के लिए आपके घर की छत का साइज कितना बड़ा होना चाहिए?

अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो छत के क्षेत्रफल और सब्सिडी से जुड़े इन जरूरी नियमों को समझ लीजिए।

कितने किलोवॉट के लिए कितनी जगह है जरूरी?


सरकार की आधिकारिक गाइडलाइंस के मुताबिक, आप जितने किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगवाना चाहते हैं, छत पर उतनी ही खाली जगह होनी चाहिए। इसके लिए एक बेसिक फॉर्मूला तय किया गया है:

1 किलोवॉट सिस्टम के लिए: आपकी छत पर कम से कम 100 वर्ग फुट साफ और खाली जगह होनी जरूरी है।

2 किलोवॉट सिस्टम के लिए: अगर आपका बिजली का खर्च थोड़ा ज्यादा है और आप 2 किलोवॉट का पैनल चुनते हैं, तो करीब 200 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी।

3 किलोवॉट सिस्टम के लिए: बड़े परिवारों या ज्यादा खपत वाले घरों के लिए 3 किलोवॉट के सिस्टम हेतु लगभग 300 वर्ग फुट खुली छत होनी चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि छत पर केवल जगह होना ही काफी नहीं है, बल्कि वहां किसी पेड़ या ऊंची इमारत की परछाई नहीं आनी चाहिए। सोलर पैनल्स पर दिनभर सीधी और अच्छी धूप आना अनिवार्य है।

किस सिस्टम पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

सरकार इस योजना के जरिए वित्तीय बोझ को कम करने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे आम परिवारों के लिए सोलर पैनल लगवाना बेहद किफायती हो गया है:

1 किलोवॉट (1 kW) सिस्टम पर: अगर आप 1 किलोवॉट का छोटा सोलर सिस्टम लगवाते हैं, तो सरकार की तरफ से आपको ₹30000 की फिक्स सब्सिडी मिलती है। यह छोटे परिवारों के लिए एक बेहतरीन शुरुआत है।

2 किलोवॉट (2 kW) सिस्टम पर: अगर आपके घर में बिजली का खर्च थोड़ा ज्यादा है और आप 2 किलोवॉट क्षमता का सिस्टम चुनते हैं, तो आपको ₹60000 की सब्सिडी दी जाती है।

3 किलोवॉट या उससे अधिक सिस्टम पर: मध्यम और बड़े परिवारों के लिए, या जो लोग घर में एसी और गीजर जैसे भारी उपकरण चलाते हैं, उनके लिए 3 किलोवॉट का सिस्टम सबसे बेस्ट माना जाता है। इस पर सरकार की ओर से अधिकतम ₹78000 की भारी सब्सिडी मिलती है। 3 किलोवॉट से बड़ा सिस्टम जैसे- 4kW या 5kW लगवाने पर भी सब्सिडी की यह अधिकतम राशि ₹78000 ही फिक्स रहेगी।

आवेदन का ये है प्रोसेस

पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के लिए निवेशकों और मकान मालिकों को एक तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है:

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होता है। यहां आपको अपने राज्य की बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) और बिजली उपभोक्ता नंबर दर्ज करना होगा।

साइट का निरीक्षण: आवेदन जमा होने के बाद बिजली विभाग की एक टेक्निकल टीम आपके घर का दौरा करती है। यह टीम छत का भौतिक माप लेती है, धूप की स्थिति जांचती है और सब सही पाए जाने पर ही प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जाती है। इसके बाद आपके छत पर सोलर पैनल लगाया जाता है।

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