PM Surya Ghar Yojana: उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत यूपी ने मार्च, अप्रैल और मई में लगातार तीन महीनों तक हर महीने 50000 से अधिक घरों पर सोलर पैनल स्थापित कर देश में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश को कुल सोलर इंस्टॉलेशन में भी देश में नंबर-1 बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने सोलर लोन के आवेदनों को समय पर मंजूरी देने और सब्सिडी व लोन डिस्बर्सल के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और भारी सब्सिडी पाना चाहते हैं, तो जानिए इससे जुड़ी पूरी डिटेल।
PM Surya Ghar Yojana: किसको और कितनी मिलती है सब्सिडी?
पीएम सूर्य घर योजना के तहत केंद्र सरकार आम उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए बंपर सब्सिडी दे रही है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है:
1 किलोवाट (kW) सिस्टम के लिए: केंद्र सरकार की तरफ से ₹30000 की सब्सिडी मिलती है। यह छोटे परिवारों के लिए उपयुक्त है।
2 किलोवाट (kW) सिस्टम के लिए: इस पर ₹60000 की भारी सब्सिडी दी जाती है, जो मध्यम वर्गीय परिवारों की बिजली जरूरतों को पूरा कर सकता है।
3 किलोवाट (kW) या उससे अधिक के लिए: 3 किलोवाट या उससे ऊपर के सिस्टम पर अधिकतम ₹78000 की फिक्स्ड सब्सिडी मिलती है।
केंद्र सरकार की इस सब्सिडी के अलावा, कई राज्यों में राज्य सरकारों की तरफ से भी एक्स्ट्रा सब्सिडी दी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला बोझ और कम हो जाता है। यूपी में ₹30000 की एक्स्ट्रा सब्सिडी मिलती है जिससे कुल सब्सिडी ₹108000 हो जाती है।
आसान लोन और बिजली बिल में भारी बचत
मुख्य सचिव ने बैठक में बैंक अधिकारियों और जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सोलर पैनल लगाने के लिए आने वाले लोन आवेदनों को समय सीमा के भीतर मंजूर किया जाए। लोन की राशि जारी करने में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, जो वेंडर्स फिलहाल निष्क्रिय हैं, उन्हें एक्टिव किया जाए और नए वेंडर्स को इस मुहिम से जोड़ा जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं, उनके बिजली बिलों में कितनी बचत हो रही है, इसका पूरा डेटा तैयार किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें। इस योजना से उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है और बची हुई बिजली को वे ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकते हैं।