देशभर में इंश्योरेंस ओम्बड्समैन ऑफिसेज ने 50 लाख रुपये तक के कंपनसेशन क्लेम से जुड़ी पॉलिसीहोल्डर्स की शिकायतें लेनी शुरू कर दी हैं। पहले इन ऑफिसेज को 30 लाख रुपये तक के दावें से जुड़ी शिकायतें लेने की इजाजत थी। इंश्योरेंस ओम्बड्समैन के अधिकारियों और इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने इस सीमा को बढ़ाने की मांग की थी। इसकी वजह यह है कि अब कई पॉलिसीहोल्डर्स एक करोड़ रुपये से ज्यादा सम अश्योर्ड के टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, क्रिटिकल इंश्योरेंस और पर्सनल एक्सिडेंटल इंश्योरेंस खरीदते हैं। Policybazzar की एक स्टडी से पता चला है कि फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में अमीर लोगों ने 1.75 करोड़ रुपये की कवर वाली पॉलिसी खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इसकी कई वजहें हैं। लोगों की इनकम बढ़ रही है। इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। जो पॉलिसीहोल्डर्स इंश्योरेंस ओम्बड्समैन में अपनी शिकायतें नहीं कर सकते, उन्हें कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।
जल्द हो सकेगा शिकायतों का निपटारा
पॉलिसीहोल्डर्स की सहायता करने वाली कंपनी इंश्योरेंस समाधान की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शिल्पा अरोड़ा ने कहा, "शिकायत की लिमिट बढ़ाने का फैसला स्वागतयोग्य है। इससे ज्यादा वैल्यू के क्लेम से जुड़ी शिकायतों का भी जल्द निपटारा हो सकेगा। पहले इसके लिए पॉलिसीहोल्डर्स को कंज्यूमर कोर्ट जाना पड़ता था। इसमें शिकायतों के निपटारे में 1-2 साल का समय लग जाता था। ओम्बड्समैन ऑफिस में शिकायतों का निपटारा तीन महीनों में हो जाता है।" हालांकि, कई लोगों का मानना है कि पॉलिसीहोल्डर के लिए अब भी सीधे कंज्यूमर कोर्ट जाना अच्छा है। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि पॉलिसीहोल्डर्स की शिकायतों का संतोषप्रद निपटारा कंज्यूमर कोर्ट में होने की ज्यादा संभावना है।
ऑनलाइन भी की जा सकती हैं शिकायतें
पॉलिसीहोल्डर्स को यह समझने की जररूत है कि क्लेम रिजेक्ट होने पर वे IRDAI और अपने शहर के ओम्बड्समैन ऑफिसेज में शिकायत कर सकते हैं। शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकती है। इसके लिए www.cioins.co.in/Complaint/Online पर जाना होगा। क्लेम रिजेक्ट होने के एक साल के अंदर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। इंश्योरेंस ओम्बड्समैन ऑफिस में शिकायत करने से पहले पॉलिसीहोल्डर बीमा कंपनी को अपनी शिकायत के बारे में बता सकता है। इसके बाद उसे 30 दिन तक इंतजार करना होगा। अगर बीमा कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आता है तो ओम्बड्समैन ऑफिस में शिकायत कर सकता है। ओम्बड्समैन ऑफिस को शिकायत का निपटारा 90 दिन में करना जरूरी है।
कंज्यूमर कोर्ट में अपील का रास्ता खुला है
अगर कोई पॉलिसीहोल्डर ओम्बड्समैन ऑफिस के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह कंज्यूमर कोर्ट में अपील कर सकता है। बीमा कंपनियों के लिए ओम्बड्समैन के फैसले का पालन 30 दिन के अंदर करना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर पॉलिसीहोल्डर इसकी जानकारी ओम्बड्समैन ऑफिस को दे सकता है। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनियों को इंटरेस्ट चुकाना पड़ सकता है।