प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कई लोग अपना ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराना भूल जाते हैं। कई साल बीत जाने पर उन्हें अकाउंट नंबर याद नहीं रहता। खासकर यह दिक्कत उन एंप्लॉयीज को ज्यादा आती है, जिनके एक से ज्यादा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) होते हैं। ईपीएफओ के नियम के मुताबिक, एक व्यक्ति का सिर्फ एक यूएएन होना चाहिए।
पुराने अकाउंट के बैलेंस को ट्रांसफर भी करने की सुविधा
EPFO ने एंप्लॉयीज को आने वाली दिक्कत को ध्यान में रख नई वेबसाइट शुरू की है। इसकी मदद से एंप्लॉयी अपने पुराने ईपीएफ अकाउंट को ट्रैक कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस वेबसाइट के जरिए पुराने अकाउंट में जमा पैसे को मौजूदा ईपीएफ अकाउंट में ट्रांसफर किया जा सकता है और जमा पैसे के सेटलमेंट के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में बताया
इस बारे में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 27 जुलाई को लोकसभा में बताया। लोकसभा सदस्य वीके श्रीकंदन के सवाल के जवाब में करंदलाज ने कहा कि ईपीएफओ ने एक सेक्योर डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसकी मदद से ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स अपने पुराने इनएक्टिव ईपीएफ अकाउंट को ट्रैक कर सकते हैं।
एंप्लॉयीज को पोर्टल पर दिखेगी पूरी सर्विस हिस्ट्री
ईपीएफओ की इस फैसिलिटी से एंप्लॉयीज यह पता लगा सकते हैं कि पिछली नौकरियों के उनके ईपीएफ अकाउंट एक सिंगल यूएएन के तहत मर्ज हुए हैं या नहीं। इसके लिए आधार-बेस्ड अथॉन्टेकेशन का इस्तेमाल करना होगा। इसका मतलब है कि पुराने अकाउंट्स का आधार से लिंक्ड होना जरूरी है। इस सुविधा से एंप्लॉयी को पूरी सर्विस हिस्ट्री दिख जाएगी।
फिजिकल डॉक्युमेंटेशन की नहीं पड़ेगी जरूरत
सरकार का मकसद एंप्लॉयीज को ऑनलाइन अपने पुराने ईपीएफ अकाउंट्स को ट्रैक करने की सुविधा देना है। करंदलाजे ने बताया कि नए पोर्टल के इस्तेमाल से इनसानी हस्तक्षेप में कमी आएगी। फिजिकल डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही पूरे प्रोसेस में काफी कम समय लगेगा। यह पूरा सिस्टम पारदर्शी है।
पुराने ईपीएफ अकाउंट का बैलेंस जल्द होगा ट्रांसफर
पुराने ईपीएफ अकाउंट के बैलेंस को मौजूदा अकाउंट में ट्रांसफर करने की ऑनलाइन सुविधा पहले से उपलब्ध है। लेकिन, नए डेडिकेटेड ई-पोर्टल की शुरुआत से यह प्रोसेस पहले के मुकाबले आसान हो गया है। इस सुविधा से एंप्लॉयीज के ईपीएफ में जमा पैसे को एक्सेस करना काफी आसान हो गया है।