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खराब एयर क्वालिटी के कारण दिल्ली-मुंबई छोड़ना चाहते हैं लोग, रिसर्च में आया सामने

हेल्थकेयर प्रोवाइडर प्रिस्टिन केयर के एक नए रिसर्च में पाया गया कि दिल्ली और मुंबई में लगभग 60% लोग खराब होती एयर क्ववालिटी और प्रदूषण के कारण रीलोकेट होने पर विचार कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि दोनों शहर हर साल ज्यादा पॉल्यूशन से जूझते हैं। हर साल आने वाली इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान नहीं है। इस रिसर्च में दिल्ली, मुंबई और आसपास के 4000 लोगों को शामिल किया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 30, 2023 पर 1:41 PM
खराब एयर क्वालिटी के कारण दिल्ली-मुंबई छोड़ना चाहते हैं लोग, रिसर्च में आया सामने
दिल्ली और मुंबई में लगभग 60% लोग खराब होती एयर क्ववालिटी और प्रदूषण के कारण रीलोकेट होने पर विचार कर रहे हैं।

हेल्थकेयर प्रोवाइडर प्रिस्टिन केयर के एक नए रिसर्च में पाया गया कि दिल्ली और मुंबई में लगभग 60% लोग खराब होती एयर क्ववालिटी और प्रदूषण के कारण रीलोकेट होने पर विचार कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि दोनों शहर हर साल ज्यादा पॉल्यूशन से जूझते हैं। हर साल आने वाली इस समस्या का कोई भी स्थायी समाधान नहीं है। इस रिसर्च में दिल्ली, मुंबई और आसपास के 4000 लोगों को शामिल किया गया है।

वायु प्रदूषण शहरी इलाकों को रहने के लिए कम पसंदीदा जगह बना सकता है क्योंकि यह क्वालिटी ऑफ लाइफ पर असर कर रहा है। खराब एयर क्वालिटी के कारण आम लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले में जलन और घर के बाहर निकलने में भी परेशानी होने लगी है। इससे परेशानी और चिंता बढ़ती है। इस कारण हाउसिंग और कमर्शियल स्पेस डिमांड में भी कमी आ सकती है।

रिसर्च में चौंका देने वाली बात सामने आई है कि 10 में से 9 लोगों ने माना कि खराब एयर क्वालिटी सूचकांक (AQI) के सबसे आम लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं। इनमें लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, गले में खराश और आंखों में पानी या खुजली शामिल हैं। ये विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में खराब एयर क्वालिटी के कारण ऐसा हो रहा है। 40% ने माना कि परिवार में जिन लोगों को पहले से अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्या थी, उनकी हालत और खराब हुई है।

रिसर्च से यह भी पता चला है कि दिल्ली और मुंबई में 10 में से 4 निवासी हर साल या कम से कम कुछ सालों में वायु प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इलाज कराते हैं। जब वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपनी लाइफस्टाइल से डील करने की बात की गई तो 35% ने बताया कि उन्होंने एक्सरसाइज और दौड़ने जैसी बाहर जाने की एक्टिविटी बंद कर दी हैं, जबकि 30% ने बाहर मास्क पहनना शुरू कर दिया है।

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