PPF Interest Rate: क्या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर मिलने वाला इंटरेस्ट कम हो सकता है? अभी PPF पर 7.1 फीसदी इंटरेस्ट मिल रहा है। क्या रेपो रेट घटने और अन्य कारणों का असर स्मॉल सेविंग स्कीम के इंटरेस्ट रेट पर नजर आएगा। क्या सरकार पीपीएफ पर इंटरेस्ट 7.1% से घटाकर 6.50% फीसदी कर देगी? सरकार 30 जून 2025 को स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करने जा रही है। इसमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी कई योजनाएं शामिल है। साल की शुरुआत से अब तक इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अब इनमें कटौती की आशंका जताई जा रही है। इसकी वजह यह है कि इस साल अब तक रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कुल 1% की कटौती की है, जिससे फिक्स्ड डिपॉजिट के साथ-साथ बॉन्ड यील्ड भी नीचे आया है।
अभी PPF पर 7.1% का ब्याज मिल रहा है, जो पिछले करीब 50 सालों में सबसे निचले स्तर के पास है। आखिरी बार 1974 से पहले ब्याज दर 7% से कम रही थी। अगर इस बार इसमें कटौती होती है, तो यह दर 6.5% के नीचे जा सकती है, जो निवेशकों के लिए निराशाजनक हो सकता है।
क्या PPF पर मिलेगा 6.5% इंटरेस्ट?
सरकार PPF की ब्याज दर तय करने के लिए 10 साल के सरकारी बॉन्ड की औसत यील्ड को आधार मानती है और उस पर 0.25% का मार्जिन जोड़ती है। पिछले तिमाही में 10 साल की बॉन्ड यील्ड लगभग 6.319% रही है। इसमें 25 बेसिस पॉइंट जोड़ें तो PPF की नई दर 6.569% बनती है। हालांकि यह कोई जरूरी नहीं है कि इस फार्मूले को माना जाए। यानी, सरकार इस पर अमल करे या न करे, यह सरकार पर निर्भर करता है।
क्या मिडिल क्लास के लिए अट्रैक्टिव रहेगी स्कीम?
इस बीच यह भी ध्यान देना जरूरी है कि PPF एक लॉन्ग टर्म स्कीम है, जिसमें पैसा 15 साल के लिए लॉक होता है। सरकार इसे स्थिर और भरोसेमंद निवेश विकल्प बनाए रखना चाहती है, ताकि मिडल क्लास और रिटायरमेंट प्लानिंग करने वालों के लिए यह योजना आकर्षक बनी रहे।
क्या सरकार करेगी स्मॉल सेविंग स्कीम में कटौती?
कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि भले ही बॉन्ड यील्ड नीचे आई हो, लेकिन सरकार ब्याज दर में भारी कटौती से बच सकती है। इसका कारण यह है कि पहले से ही PPF का रिटर्न अन्य स्कीम्स जैसे कि सीनियर सिटिज़न स्कीम (8.2%), सुकन्या योजना (8.2%) और किसान विकास पत्र (7.5%) से कम है। अगर PPF की दर और घटती है, तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
PPF पर कब मिलता था 7% से कम इंटरेस्ट?
साथ ही PPF पर ब्याज दर 2020 से लगातार 7.1% पर बनी हुई है, जबकि इस दौरान बाजार दरों में काफी बदलाव आए हैं। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि सरकार बाजार के दबाव के बावजूद आम जनता की बचत पर असर नहीं डालना चाहती थी। इतिहास की बात करें तो PPF की शुरुआत 1968 में हुई थी और शुरुआती कुछ सालों में ब्याज दर 5% के आसपास थी। 1974 से यह दर 7% से ऊपर चली गई और फिर अगले कई दशकों तक इसमें इजाफा ही होता रहा। 1986 से 1999 के बीच तो ब्याज दर 12% तक पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद यह लगातार गिरती गई।
अब सरकार 30 जून को ताजा हालात देखते हुए ब्याज दरों पर फैसला लेगी। अगर आप PPF या किसी अन्य स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो 30 जून से पहले निवेश कर लेना समझदारी भरा फैसला हो सकता है, ताकि मौजूदा रेट पर प्रॉफिट को लॉक किया जा सकता है।