PPF Maturity Rules: 15 साल पूरे होने पर भी मत निकालें पीपीएफ का पैसा! अपनाए ये आसान ट्रिक, बनेगा मोटा फंड
PPF Maturity Rules: क्या आपका पीपीएफ अकाउंट 15 साल पूरे कर चुका है? बिना एक भी पैसा निकाले आप अपनी जमा पूंजी पर मोटा ब्याज पा सकते हैं! लेकिन सावधान, मैच्योरिटी के बाद 1 साल की एक छोटी सी गलती आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है। जानिए फ्रेश डिपॉजिट, बिना पैसा जमा किए एक्सटेंशन के नए नियम और निकासी की पूरी शर्तें
मैच्योरिटी के बाद पीपीएफ को आगे बढ़ाने के दो अलग-अलग तरीके होते हैं
PPF Account Extension Rules: अगर आपका पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) अकाउंट 15 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी कर चुका है, तो आपको तुरंत सारा पैसा निकालना जरूरी नहीं है। सुरक्षित निवेश और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए मैच्योरिटी के बाद भी पीपीएफ को जारी रखना एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
लेकिन ध्यान रहे, मैच्योरिटी के बाद पीपीएफ को आगे बढ़ाने के दो अलग-अलग तरीके होते हैं और सही विकल्प न चुनने पर आपको ब्याज का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पीपीएफ नियमों के तहत 15 साल की शुरुआती अवधि पूरी होने के बाद आप अपने खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ा सकते हैं। मैच्योरिटी के बाद आपके पास मुख्य रूप से दो विकल्प होते हैं:
विकल्प A: फ्रेश डिपॉजिट के साथ एक्सटेंशन
विकल्प B: बिना नया पैसा जमा किए एक्सटेंशन
ऑप्शन A: फ्रेश डिपॉजिट के साथ एक्सटेंशन (1 साल का नियम बेहद अहम)
अगर आप मैच्योरिटी के बाद भी अपने पीपीएफ खाते में हर साल पैसे जमा करना जारी रखना चाहते हैं, तो आपको एक नियम का खास ध्यान रखना होगा। मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल के भीतर आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म (Form H/Extension Form) जमा करके एक्सटेंशन का विकल्प चुनना होगा।
अगर आप 1 साल के भीतर फॉर्म जमा नहीं करते हैं, तो आप बाद में नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे। अगर आप बिना फॉर्म भरे पैसा जमा करते हैं, तो उस जमा राशि को अनियमित माना जाएगा और उस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। वहीं एक्स्टेंडेड 5-साल के ब्लॉक में आप कुल जमा राशि का एक तय हिस्सा निकाल भी सकते हैं।
ऑप्शन B: बिना नया पैसा जमा किए PPF जारी रखना
अगर आप अपने खाते में और पैसा नहीं डालना चाहते, लेकिन जमा पूंजी को सुरक्षित रखकर उस पर ब्याज पाना चाहते है। इसके तहत आपके पूरे मैच्योर्ड बैलेंस पर लागू पीपीएफ दर से ब्याज जुड़ता रहेगा। इस विकल्प के तहत आपको प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार पैसा निकालने की आजादी मिलती है। अगर आप मैच्योरिटी के 1 साल तक कोई फॉर्म जमा नहीं करते और न ही नया डिपॉजिट करते हैं, तो खाता अपने आप 'बिना डिपॉजिट एक्सटेंशन' मोड में चला जाता है।
दोनों विकल्पों में मुख्य अंतर: क्या चुनें?
क्या मैच्योरिटी के बाद PPF बढ़ाना आपके लिए सही है?
हर निवेशक के लिए पीपीएफ एक्सटेंड करना सही फैसला नहीं हो सकता। फैसला लेने से पहले इन बातों पर विचार करें:
वित्तीय लक्ष्य: अगर आपको बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या रिटायरमेंट के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है, तो पैसा निकालना सही रहेगा।
टैक्स फ्री सुरक्षा: अगर आपको सुरक्षित, जोखिम-रहित और EEE (टैक्स फ्री) रिटर्न चाहिए, तो इसे एक्सटेंड करना सबसे बुद्धिमानी है।
अन्य निवेश विकल्प: अगर आप अधिक रिटर्न के लिए इक्विटी या अन्य एसेट क्लास में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो पीपीएफ का पैसा निकाल कर री-इन्वेस्ट कर सकते हैं।
पीपीएफ मैच्योरिटी के बाद आपको बेहतरीन फ्लेक्सिबिलिटी देता है। लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आप नया पैसा जमा करना चाहते हैं, तो 1 साल की विंडो को बिल्कुल न भूलें। मैच्योरिटी के बाद खाते को यूं ही छोड़ने के बजाय अपनी जरूरतों के हिसाब से सोच-समझकर विकल्प चुनें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।