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अगर अटक गया है हाउसिंग प्रोजेक्ट, तो होमबायर्स के पास होते हैं कौन-से ऑप्शन?

अगर होमबायर्स सुस्त या अटके हुए प्रोजेक्ट्स में फंसे हुए हैं तो वे राहत के लिए या तो रियल एस्टेट रेगुलेटर या अदालतों से संपर्क कर सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 14, 2022 पर 1:32 PM
अगर अटक गया है हाउसिंग प्रोजेक्ट, तो होमबायर्स के पास होते हैं कौन-से ऑप्शन?
प्रॉपर्टी कंसल्टैंट्स एनारॉक प्रॉपर्टी (ANAROCK) की बीते साल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के रेजिडेंशियल सेक्टर में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में देरी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कई प्रोजेक्ट्स का काम तो पूरी तरह ठप हो गया है

Delayed or stalled projects : भारत में बड़ी संख्या में फ्लैट्स का निर्माण अटका हुआ है या बेहद सुस्त गति से काम हो रहा है। प्रॉपर्टी कंसल्टैंट्स एनारॉक प्रॉपर्टी (ANAROCK) की बीते साल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के रेजिडेंशियल सेक्टर में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में देरी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कई प्रोजेक्ट्स का काम तो पूरी तरह ठप हो गया है।

शीर्ष 7 शहरों में अटके हुए 1,74,000 घरों की कुल वैल्यू 1,40,613 करोड़ रुपये है। इनमें से 65 फीसदी यूनिट की कीमत 80 लाख रुपये से कम है। सबसे ज्यादा यूनिट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (1,13,860) में अटकी हैं, जिसके बाद मुंबई महानगरीय क्षेत्र (41,720) का नंबर है।

यदि बिल्डर के खिलाफ दिवालिया की प्रक्रिया चालू न हुई हो तो सुस्त गति वाले प्रोजेक्ट्स में फंसे होमबायर्स के पास सीमित विकल्प होते हैं। हम यहां ऐसे विकल्प के बारे में बता रहे हैं, जो होमबायर्स अपना सकते हैं।

रियल एस्टेट रेगुलेटर को करें शिकायत

सुस्त प्रोजेक्ट्स के मामले में पहला विकल्प रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अथॉरिटी (RERA) के पास शिकायत करने का है।

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