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अब दाखिल-खारिज के लिए नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर! प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री होते ही पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा म्‍यूटेशन

Property in Delhi-NCR: रजिस्‍ट्री होते ही म्‍यूटेशन वेब हैलरिस पोर्टल पर अपने आप अपलोड हो जाएगा। इस म्‍यूटेशन को कोई भी घर बैठे ऑनलाइन देख सकता है। 10 दिन तक कोई आपत्ति नहीं आने पर म्‍यूटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। प्रॉपर्टी लेने वाला शख्स इसकी कॉपी तहसील या फिर अटल सेवा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन निकलवा सकेगा

Edited By: Akhileshअपडेटेड Jul 19, 2023 पर 7:45 PM
अब दाखिल-खारिज के लिए नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर! प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री होते ही पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा म्‍यूटेशन
Property in Delhi-NCR: प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के बाद अब लोगों को म्‍यूटेशन बनवाने के लिए पटवारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

अगर आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Property in Delhi-NCR) से सटे गुरुग्राम (Property in Gurugram) या फरीदाबाद (Property in Faridabad) में प्रॉपर्टी लेने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। पहले प्रॉपर्टी का सौदा पूरा होने के बावजूद इंतकाल यानी म्‍यूटेशन (Property Mutation) के लिए महीनों तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन हरियाणा सरकार की तरफ से जारी एक नए आदेश के बाद अब प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री होते ही म्‍यूटेशन ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आप अपलोड हो जाएगा। नए आदेश के मुताबिक, राज्य के किसी भी जिले में अब प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री होने के साथ ही उसका म्‍यूटेशन (Mutation) हो जाएगा।

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 6 जुलाई को पोर्टल लॉन्‍च करके इस सर्विस का ऐलान किया था। अब इसे पूरे हरियाणा में लागू कर दिया गया है। आपको बता दें कि हरियाणा में म्‍यूटेशन को कई जगह दाखिल-खारिज भी कहा जाता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के बाद अब लोगों को म्‍यूटेशन बनवाने के लिए पटवारियों के ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बल्कि रजिस्‍ट्री होते ही म्‍यूटेशन वेब हैलरिस पोर्टल पर अपने आप अपलोड हो जाएगा। इस म्‍यूटेशन को कोई भी घर बैठे ऑनलाइन देख सकता है। 10 दिन तक कोई आपत्ति नहीं आने पर म्‍यूटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। प्रॉपर्टी लेने वाला शख्स इसकी कॉपी तहसील या फिर अटल सेवा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन निकलवा सकेगा।

पहले क्या थी प्रक्रिया?

दरअसल, पहले म्‍यूटेशन यानी इंतकाल के लिए पटवारी को रजिस्‍ट्री की कॉपी देनी पड़ती थी। प्रॉपर्टी की रजिस्‍ट्री के बाद पटवारी जांच करने के बाद इसे पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करते थे। पटवारी से ही लोगों को म्‍यूटेशन की कॉपी गुजरिश करके लेनी पड़ती थी। पहले रजिस्ट्री के 7 दिन के अंदर म्‍यूटेशन करने का समय दिया गया था।

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