बीते एक दशक में देश के सबसे बड़े 8 शहरों के मुकाबले 11 टियर-2 शहरों में घरों की कीमतें करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर की अगले चरण की ग्रोथ में देश के छोटे शहरों की बढ़ती भूमिका का संकेत मिलता है। सीआईआई-नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट में यह बताया गया है।
देश के इन 11 इन शहरों में तेजी से बढ़ी कीमतें
इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि 2016 से 2026 के बीच भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राइसिटी, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, नागपुर, विशाखपत्तनम और कोयंबतूर में घरों की कीमतें 9 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ी। इसके मुकाबले देश के 8 सबसे बड़े शहरों में घरों की कीमतें औसत 4 फीसदी सीएजीआर से बढ़ीं।
बीते 5 साल में टियर2 शहरों में कीमतों में ज्यादा इजाफा
घरों की कीमतें बढ़ने के मामले में सबसे बड़े और टियर-2 शहरों के बीच का यह फर्क बीते कुछ सालों में ज्यादा बढ़ा है। 2021 से 2026 के बीच टियर-2 कैटेगरी के 11 शहरों में घरों की कीमतें 63 फीसदी बढ़ी, जबकि सबसे बड़े 8 शहरों में घरों की कीमतें 42 फीसदी बढ़ीं। यह जानकारी CII-Night Frank India की रिपोर्ट पर आधारित है।
इन वजहों से टियर-2 शहरों में तेजी से बढ़ रही कीमतें
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि टियर-2 शहरों में घरों की कीमतें ज्यादा बढ़ने में इन शहरों में बेहतर हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कंजम्प्शन का हाथ है। रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहर की भूमिका रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ में बढ़ रही है। हालांकि, वॉल्यूम के लिहाज से अभी भी टॉप शहरों की ग्रोथ में ज्यादा हिस्सेदारी है।
कमर्शियल एक्टिविटी बढ़ने से भी कीमतों को मिल रहा सपोर्ट
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा, "इंडिया में रियल एस्टेट की ग्रोथ अब सिर्फ पारंपरिक मेट्रोपॉलिटन शहरों तक सीमित नहीं है।" इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने से रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता रहेगा। टियर-2 शहरों में कमर्शियल एक्टिविटी भी बढ़ रही है।
2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर का होगा रियल एस्टेट मार्केट
देश के रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ के बारे में भी रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है। इसमें बताया गया है कि रियल एस्टेट सेक्टर 20247 तक 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों का करीब 25-30 फीसदी योगदान होगा। हालांकि, यह जमीन की उपलब्धता, एप्रूवल की रफ्तार, युटिलिटीज और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा।