अमेरिका जाने का सपना हर भारतीय देखता है लेकिन अमेरिका का वीजा मिलना उतना ही मुश्किल होता है। अमेरिकी वीजा पाने के लिए इंडियन्स कई पापड़ बेलते हैं। अब अगर अमेरिका वीजा फ्री ट्रैवल किसी भी देश के नागरिकों को देता है, तो उसके लिए ये किसी सोने पे सुहागा जैसा हो जाए। अब अमेरिका ने एक मुस्लिम कंट्री को अमेरिका में वीजा फ्री यानी बिना किसी वीजा के आने की इजाजत दी है। कतर अब दुनिया का दूसरा मुस्लिम-बहुल देश बन गया है, जिसके नागरिकों को संयुक्त राज्य अमेरिका में वीजा के बिना यात्रा करने की अनुमति मिल गई है।
कतर के नागरिकों को अमेरिका में मिली वीजा फ्री एंट्री
अमेरिकी विदेश विभाग और गृह सुरक्षा विभाग ने घोषणा की है कि कतर ने वीजा माफी कार्यक्रम (Visa Waiver Program) के कड़े मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसमें वीजा अस्वीकृति (Visa Refusal Rate) दर और ओवरस्टे की कम दर बनाए रखना और अमेरिकी नागरिकों के लिए कतर में वीजा- फ्री यात्रा की सुविधा करना शामिल है। सरकारी बयान के अनुसार कतर संयुक्त राज्य अमेरिका का एक अहम भागीदार रहा है। पिछले कुछ सालों में हमारी रणनीतिक साझेदारी मजबूत हुई है। यह साझा सुरक्षा और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।
90 दिन तक अमेरिका में बिना वीजा के रह सकेंगे कतर के नागरिक
कतर, जिसने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और गाजा में युद्धविराम समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब वीजा माफी कार्यक्रम में शामिल होने वाला 42वां देश बन गया है। इस कार्यक्रम के तहत कतर के नागरिक अब 90 दिनों तक बिजनेस या ट्रैवल के लिए अमेरिका में बिना वीजा के एंट्री कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) के माध्यम से ऑनलाइन प्रोसेस करना होगा, जिसमें पारंपरिक तरीके से वीजा अप्लाई करने की तरह पर्सनल इंटरव्यू की आवश्यकता नहीं होती है।
कतर के हैं सिर्फ 3.2 लाख नागरिक
कतर की जनसंख्या 30 लाख से अधिक है। इनमें से केवल 3.2 लाख कतरी नागरिक इस कार्यक्रम के लिए पात्र हैं, क्योंकि उनमें से अधिकांश विदेशी लेबर और अप्रवासी हैं, जिनके पास कतरी नागरिकता नहीं है। इस फैसले के तहत 1 अक्टूबर से अमेरिकी नागरिक भी कतर में 90 दिनों तक बिना वीजा के रह सकेंगे। इसके पहले 2023 में इजराइल को वीजा माफी प्रोग्राम में शामिल किया गया था। हालांकि, फिलिस्तीनी, अरब और मुस्लिम अमेरिकियों के साथ उसके भेदभावपूर्ण व्यवहार को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।