RBI Polymer Banknotes Launch: दुनिया के अलग-अलग देशों के रंग-बिरंगे, चमकीले और प्लास्टिक के नोटों के प्रति हमारी खूब उत्सुकता होती है। अब भारत में में भी भारतीय रिजर्व बैंक कुछ ऐसा ही करने वाला है। देश में ₹10 और ₹20 के नए पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट के लॉन्च की तारीख फिक्स हो गई है। बड़ी बात ये है कि आरबीआई ने इन नए नोटों के आकार में कोई बदलाव न करने का फैसला किया है।
देश में 1 अप्रैल 2027 यानी अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही आपके हाथों में ₹10 और ₹20 के नए प्लास्टिक नोट आ जाएंगे। नोटों के साइज में बदलाव न होने से बैंकों को एटीएम री-कॉन्फ़िगरेशन के भारी-भरकम खर्च से बड़ी राहत मिलेगी।
क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक के नोट? जानिए इसके 5 बड़े कारण
1. 30 सालों तक चलने की क्षमता: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, कई देशों में पॉलिमर नोट 30 साल से भी अधिक समय तक बिना खराब हुए चले हैं। छोटी करेंसी (₹10 और ₹20) का सर्कुलेशन और इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है, जिससे कागज के नोट जल्दी फट या गल जाते हैं।
2. 200 करोड़ नोटों का होगा फील्ड ट्रायल: आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बीआरबीएनएमपीएल ने इसके लिए ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया है। ट्रायल के तहत ₹10 और ₹20 के 1-1 अरब (कुल 200 करोड़) पॉलिमर नोट बाजार में उतारे जाएंगे।
3. कागज के नोट बंद नहीं होंगे: सरकार ने साफ किया है कि यह केवल एक 'फील्ड ट्रायल' है। पॉलिमर नोट बाजार में आने के बाद भी कागज के मौजूदा नोट बंद नहीं होंगे, बल्कि दोनों एक साथ चलन में बने रहेंगे।
4. उच्च मूल्यवर्ग में कोई पॉलिमर नोट नहीं: आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ₹100, ₹200 या ₹500 जैसी बड़ी श्रेणियों में प्लास्टिक नोट लाने की कोई योजना नहीं है।
5. ₹1,000 के नए नोट का दावा निकला पूरी तरह फर्जी: हाल ही में सोशल मीडिया पर ₹1000 के नए पॉलिमर नोट जारी होने की खबरें वायरल हो रही थीं। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह 'फर्जी' करार दिया है।
बैंकों के बचेंगे करोड़ों रुपये
एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 'मौजूदा नोटों के आयामों को बनाए रखने से बैंकों को एटीएम री-कॉन्फ़िगरेशन पर होने वाले अग्रिम पूंजीगत खर्च से बचने में मदद मिलेगी। चूंकि यह कार्यक्रम शुरुआत में छोटी श्रेणियों को कवर करने वाला एक पायलट प्रोजेक्ट होगा, इसलिए इससे होने वाली बचत काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।'