Home Loan EMI Calculation: होम लोन और कार लोन की ईएमआई चुकाने वाले लोगों को त्योहारों से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। आरबीआई ने 7 अक्तूबर को रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया। यह 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.25 हो गया है। इससे होम लोन और कार लोन लेने वाले लोगों की ईएमआई बढ़ जाएगी। बैंक रेपो रेट बढ़ने के अनुपात में कार लोन और होम लोन की ईएमआई बढ़ाते हैं।
बैंक लोन की मांग को देखने के बाद बढ़ाएंगे इंटरेस्ट रेट
त्योहारों के दौरान आम तौर पर लोगों का खर्च ज्यादा रहता है। ऐसे में EMI बढ़ने से उन पर दोहरी मार पड़ेगी। हालांकि, रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंकों के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने में थोड़ा समय लग सकता है। बैंक डिपॉजिट की अपनी जरूरत, लोन की डिमांड और एसेट क्वालिटी पर विचार करने के बाद इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला करते हैं।
बैंक आम तौर पर रेपो रेट में वृद्धि के अनुपात में बढ़ाते हैं इंटरेस्ट रेट
बैंक आम तौर पर रेपो रेट में हुए इजाफा के अनुपात में अपना इंटरेस्ट रेट बढ़ाते हैं। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति ने 7.75 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर होम लोन लिया है तो उसका इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स (बीपीएस) बढ़कर 8 फीसदी हो जाएगा। इससे हर महीने की उसकी EMI भी बढ़ जाएगी। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं।
50 लाख रुपये के होम लोन की EMI पर असर
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए लिया है। इस लोन का इंटरेस्ट रेट 7.75 फीसदी है। उसे हर महीने 41,047 रुपये की EMI चुकानी पड़ती है। इस कैलकुलेशन में व्यक्ति को 20 साल में कुल 50,00,000 रुपये के होम लोन पर 48,51,383 रुपये इंटरेस्ट चुकाना पड़ता है। होम लोन के अमाउंट और कुल इंटरेस्ट मिलाकर उसे 20 साल में कुल 98,51,383 रुपये चुकाने होंगे।
हर महीने 775 रुपये बढ़ जाएगी होम लोन की EMI
रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ने के बाद व्यक्ति के होम लोन का इंटरेस्ट रेट 7.75 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हो जाएगा। इससे हर महीने की उसकी EMI भी बढ़ जाएगी। अब उसकी EMI बढ़कर 41,822 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि पहले के मुकाबले उसे अब हर महीने 775 रुपये ज्यादा EMI चुकानी होगी। यह तब है जब होम लोन का इंटरेस्ट रेट 8 फीसदी पर बना रहता है। अगर आगे फिर से रेपो रेट बढ़ने पर बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो उसकी EMI और ज्यादा बढ़ेगी।
RBI ने इससे पहले मई 2022 में रेपो रेट बढ़ाना शुरू किया था
कोविड के बाद आरबीआई ने महंगाई को काबू में करने के लिए मई 2022 में इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू किया था। उसने लगातार अपनी छह मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट बढ़ाया था। इससे रेपो रेट 4 फीसदी से बढ़कर फरवरी 2023 तक 6.5 फीसदी हो गया था। इसका सीधा असर होम लोन लेने वाले लोगों की EMI पर पड़ा था। रेपो रेट में छह बार में कुल 2.5 फीसदी की वृद्धि से उनकी EMI काफी बढ़ गई थी। हालांकि, बाद में उसने रेपो रेट घटाना शुरू किया था। इससे EMI में राहत मिली थी।