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जानिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बाद आपके होम और कार लोन की EMI कितनी हो जाएगी

रेपो रेट बढ़ने का सबसे ज्यादा असर होम लोन ग्राहकों पर पड़ता है। इसकी वजह है कि होम लोन की अवधि आम तौर पर ज्यादा होती है। जहां ऑटो और पर्सनल लोन का रिपेमेंट पीरियड औसतन 4-5 साल होता है। होम लोन 15-20 साल का होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2022 पर 5:22 PM
जानिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने के बाद आपके होम और कार लोन की EMI कितनी हो जाएगी
रेपो रेट बढ़ने का सिलसिला शुरू होने के बाद से बैंक, हाउसिंग फाइनेंश कंपनियां और एनबीएफसी अपने लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं।

RBI ने लगातार तीसरी बार इंटरेस्ट रेट (Repo Rate) बढ़ा दिया है। शुक्रवार (5 अगस्त) को 0.50 फीसदी वृद्धि के बाद रेपो रेट 5.4 फीसदी हो गया है। यह आपके लिए अच्छी खबर नहीं है। खासकर अगर आप घर या गाड़ी खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको ज्यादा इंटरेस्ट रेट पर बैंक से लोन मिलेगा। अगर आपने पहले से लोन ले रखा है तो आपको ज्यादा EMI चुकानी होगी।

केंद्रीय बैंक (RBI) ने मई में इंटेरस्ट रेट बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया था। 4 मई को उसने रेपो रेट 0.40 फीसदी बढ़ाया था। करीब चार साल के बाद पहली बार उसने रेपो रेट बढ़ाया था। इससे पहले रेपो रेट 6 जून, 2018 को बढ़ाया गया था। फिर, कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद इसे नहीं बढ़ाया गया।

इस साल दूसरी बार जून में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट 0.50 फीसदी बढ़ा दिया। आज यानी 5 अगस्त को उसने फिर 0.50 फीसदी रेपो रेट बढ़ा दिया है। इस तरह करीब तीन महीने में रेपो रेट कुल 1.40 फीसदी बढ़ गया है। हालांकि, रेपो रेट बढ़ने की उम्मीद पहले से लगाई जा रही थी, क्योंकि RBI का फोकस इनफ्लेशन को काबू में करने पर है।

रेपो रेट बढ़ने का सिलसिला शुरू होने के बाद से बैंक, हाउसिंग फाइनेंश कंपनियां और एनबीएफसी अपने लोन का इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं। इसका असर लोन लेकर घर खरीदने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ऑटो और पर्सनल लोन के ग्राहकों को भी ज्यादा इंटरेस्ट रेट चुकाना पड़ रहा है।

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