बैंक में जमा किए गए रुपये को लेकर RBI ने दिया बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा ये नया नियम

RBI New Deposit Rules: RBI ने देश के सभी कमर्शियल बैंकों के लिए जमा पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से साफ कह दिया है कि वे अपनी सभी शाखाओं में एक ही दिन जमा की जाने वाली समान राशि पर ग्राहकों को एक जैसी ही ब्याज दरें प्रदान करें

अपडेटेड Jul 31, 2026 पर 8:32 AM
बैंकों को अपने जमा पर वही ब्याज देना होगा जो उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर पहले से तय और घोषित है

RBI New Rules on Bank Deposit Rates: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सभी कमर्शियल बैंकों के लिए जमा पर मिलने वाले ब्याज से जुड़ा एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। रिजर्व बैंक ने बैंकों से साफ कह दिया है कि वे अपनी सभी शाखाओं में एक ही दिन जमा की जाने वाली समान राशि पर ग्राहकों को एक जैसी ही ब्याज दरें प्रदान करें। किसी भी ब्रांच में ब्याज दरों को लेकर भेदभाव या अंतर करने की इजाजत नहीं होगी।

आरबीआई का यह नया आदेश ‘भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक- जमाओं पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026’ के तहत जारी किया गया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा।

एक दिन, एक रकम तो ब्याज भी होगा बिल्कुल एकसमान


केंद्रीय बैंक के संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंकों को अपने जमा पर वही ब्याज देना होगा जो उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर पहले से तय और घोषित है। अगर कोई ग्राहक देश की किसी भी शहर या ब्रांच में एक ही दिन समान रकम जमा करता है, तो बैंक उसे अलग-अलग ब्याज दर नहीं दे सकते।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि एक ही दिन स्वीकार किए गए समान अमाउंट के डिपॉजिट पर अलग-अलग दरें देना पूरी तरह से अस्वीकार्य और नियमों के खिलाफ होगा।

रोज सुबह 10:10 बजे तक अपडेट करनी होंगी थोक जमा दरें

पारदर्शिता को और बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने का समय भी तय कर दिया है:

समय सीमा: सभी बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की नई ब्याज दरें पब्लिश करनी होंगी।

10 मिनट की छूट: आरबीआई ने इसमें अधिकतम 10 मिनट की रियायत दी है, यानी बैंकों को हर हाल में सुबह 10:10 बजे तक अपनी ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट कर देनी होंगी।

LCR फ्रेमवर्क के तहत सीमित छूट की शर्त

आरबीआई ने बैंकों को लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) ढांचे के तहत थोक जमा पर ब्याज दरों में मामूली या सीमित अंतर रखने की छूट दी है। लेकिन यह छूट तभी मान्य होगी जब इसका आधार कोई ठोस और वैध वित्तीय मानक होगा, न कि बैंक की मनमर्जी।

1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे नए नियम

आरबीआई के अनुसार, यह नया ड्राफ्ट जून में जारी किए गए ड्राफ्ट गाइडलाइंस पर बैंकिंग स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से मिली प्रतिक्रियाओं का गहराई से अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस नियम से बैंक ग्राहकों को अपनी जमा राशि पर पारदर्शी और सही रिटर्न मिलेगा।

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