RBI मोबाइल कॉल और SMS फ्रॉड रोकने के लिए बनाए नियम, सभी बैंकों को इस्तेमाल करना स्पेशल नंबर

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े बढ़ते फाइनेंशियल स्कैम को रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। बैकों को कॉल और SMS के लिए स्पेशल नंबर का इस्तेमाल करना होगा। इसका मकसद कॉल और SMS के जरिये होने वाले फ्रॉड को रोकना है

अपडेटेड Jan 20, 2025 पर 7:05 PM
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RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े बढ़ते फाइनेंशियल स्कैम को रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े बढ़ते फाइनेंशियल स्कैम को रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। बैकों को कॉल और SMS के लिए स्पेशल नंबर का इस्तेमाल करना होगा। इसका मकसद कॉल और SMS के जरिये होने वाले फ्रॉड को रोकना है। RBI ने इन नए नियमों को 31 मार्च 2025 तक लागू करना अनिवार्य किया है। यह दिशानिर्देश बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और पेमेंट एग्रीगेटर्स जैसी विनियमित संस्थाओं (REs) को कड़ी सुरक्षा अपनाने पर जोर देते हैं। य

मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (MNRL)

नए नियमों के तहत मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (MNRL) पर जोर दिया गया है। इसे टेलिकॉम विभाग (DoT) ने डेवलप किया है। सभी REs को यह तय करना होगा कि कैंसिल या निष्क्रिय मोबाइल नंबरों से जुड़े खातों की पहुंच को रोका जाए। इससे ग्राहक डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी।


खातों की निगरानी

RBI ने निर्देश दिया है कि ऐसे खातों की निगरानी की जाए, जो रद्द किए गए नंबरों से जुड़े हैं। इससे इन खातों का उपयोग मनी म्यूल्स या साइबर फ्रॉड में होने से रोका जा सकेगा। आरबीआई ने टेलिकॉम नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नंबरिंग प्रोटोकॉल को अपनाया है। REs को सेवा और ट्रांजेक्शन संबंधी कॉल्स के लिए '1600xx' और प्रमोशनल कॉल्स के लिए '140xx' का उपयोग करना होगा। इससे वैध और अवांछित कॉल्स में फर्क को आसानी से पहचाना जा सकेगा।

कस्टमर केयर नंबर रजिस्ट्रेशन

सभी संस्थाओं को अपने कस्टमर केयर नंबर DoT के टेलिकॉम साथी पोर्टल पर पंजीकृत करने होंगे। इसका उद्देश्य ग्राहकों को फर्जी नंबर पहचानने में मदद करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।

अनचाही कॉल रोकने के उपाय

TRAI के निर्देशों के तहत, सभी संस्थाओं को डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराना होगा। एसएमएस और कॉल्स के लिए पहले से स्वीकृत सामग्री टेम्पलेट का उपयोग और ग्राहकों से प्रमोशनल मैसेज के लिए डिजिटल सहमति लेना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया अनियमित टेलीमार्केटर्स को समाप्त करने और टेलिकॉम को ट्रेस करने में मदद करेगी।

ग्राहक जागरूकता और डेटा सुरक्षा

RBI ने REs को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को इन नई सुरक्षा सुविधाओं के बारे में ईमेल, SMS और लोकल भाषाओं में जानकारी दें। डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने पर भी जोर दिया गया है। इन उपायों का उद्देश्य भारत के डिजिटल वित्तीय इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाना और मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग को रोकना है। RBI और TRAI की यह पहल डिजिटल ट्रांजेक्शन में बढ़ती धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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