SBI Balanced Hybrid Fund NFO: देश की दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपना नया फंड ऑफर 'एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड' लॉन्च कर दिया है। यह एक ओपन-एंडेड हाइब्रिड स्कीम है जो निवेशकों को इक्विटी और डेट दोनों में संतुलित तरीके से पैसा लगाने का मौका देती है।
यह NFO 10 अगस्त यानी आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और निवेशक इसमें 24 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि यह केवल इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है और इसमें आर्बिट्राज स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
1- इक्विटी और डेट में 40% से 60% तक अलॉटमेंट की छूट
एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड को अपने एसेट्स को दो प्रमुख श्रेणियों में फ्लेक्सिबल तरीके से बांटने की सुविधा दी गई है। फंड का 40% से 60% हिस्सा इक्विटी और इक्विटी-रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स (REITs सहित) में लगाया जाएगा। बाकी बचा हिस्सा डेट प्रतिभूतियों, सिक्योरिटीज्ड डेट, डेट डेरिवेटिव्स और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाएगा।
फंड हाउस के मुताबिक, इस अप्रोच का मकसद शेयर बाजार की बढ़त में हिस्सा लेने के साथ-साथ फिक्स्ड इनकम एसेट्स के जरिए पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करना है।
2- देश ही नहीं विदेश में भी लगेगा पैसा
यह स्कीम भारतीय बाजार के अलावा विदेशी प्रतिभूतियों में भी निवेश कर सकती है। अपनी नेट एसेट्स का अधिकतम 35% तक हिस्सा विदेशी इक्विटी, ADRs, GDRs, ओवरसीज ETFs और डेट सिक्योरिटीज में लगा सकता है। ओवरसीज लिमिट्स के तहत यह स्कीम विदेशी सिक्योरिटीज में अधिकतम $25 मिलियन और विदेशी ETFs में $10 मिलियन तक का निवेश कर सकती है।
3- अलग-अलग एक्सपर्ट्स संभालेंगे इक्विटी और डेट पोर्टफोलियो
एसबीआई म्यूचुअल फंड ने पोर्टफोलियो के दोनों हिस्सों इक्विटी और डेट के प्रबंधन के लिए अलग-अलग फंड मैनेजर्स तैनात किए हैं:
इक्विटी पोर्टफोलियो: इसे तन्मय देसाई संभालेंगे।
डेट पोर्टफोलियो: इसे फिक्स्ड इनकम के सीआईओ और हेड ऑफ रिसर्च राजीव राधाकृष्णन मैनेज करेंगे।
इस फंड का बेंचमार्क Nifty 50 Hybrid Composite Debt 50:50 Index तय किया गया है। स्कीम का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि में कैपिटल एप्रिसिएशन और इनकम जनरेट करना है।
4- कितना करना होगा न्यूनतम निवेश?
NFO अवधि के दौरान निवेशक मिनिमम ₹5,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके बाद ₹1,000 के गुणक में अतिरिक्त निवेश किया जा सकता है।
इस स्कीम में निवेशकों के लिए एग्जिट लोड का ढांचा काफी सुविधाजनक रखा गया है:
10% यूनिट्स पर छूट: अगर आप अलॉटमेंट की तारीख से 1 वर्ष के भीतर अपने निवेश का 10% तक हिस्सा भुनाते हैं, तो कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा।
1% चार्ज: अगर आप पहले वर्ष के भीतर 10% से अधिक हिस्सा रिडीम करते हैं, तो उस अतिरिक्त हिस्से पर 1% का एग्जिट लोड देना होगा।
1 साल के बाद: 1 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद पैसे निकालने पर कोई एग्जिट लोड लागू नहीं होगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।