UPI Payment: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 दिसंबर 2023 को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए UPI भुगतान के लिए ट्रांजेक्शन की लिमिट को 5 लाख रुपये करने की ऐलान किया था। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) ने यह सर्विस 10 जनवरी 2024 तक शुरू करने के लिए कहा है।
RBI ने दिसंबर में किया था ऐलान
RBI ने दिंसबर में मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पेमेंट के लिए लिमिट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। ये ऐलान केंद्रीय बैंक ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को पेमेंट के लिए किया गया था। RBI) ने तब UPI ऑटो पेमेंट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया था। घोषणा के अनुसार जब UPI ऑटो-पेमेंट किया जाता है तो अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) की आवश्यकता होती है। फिलहाल यह AFA तब लागू होता है जब 15,000 रुपये से अधिक के पैसे की ऑटो-पेमेंट की जाएगी।
10 जनवरी से लागू होना है नियम
19 दिसंबर 2023 के NPCI सर्कूलर के अनुसार UPI एक पसंदीदा पेमेंट का तरीका बन गया है। आरबीआई के डेवलपमेंटल और रेगुलेटरी पॉलिसी के रूप में उभरने के साथ, विकासात्मक और नियामक नीतियों पर आरबीआई के 81 दिसंबर की स्टेटमेंट के अनुसार अलग केटेगरी के लिए यूपीआई में प्रति लेनदेन लिमिट बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। अस्पतालों और शैक्षिक सेवाओं से जुड़ी केटेगरी के तहत व्यापारियों के लिए यूपीआई में प्रति लेनदेन मूल्य सीमा अब 5 लाख तक बढ़ा दी गई है। यह बढ़ी हुई सीमा केवल वैरिफाइड मर्चेंट पर ही लागू होगी। सभी सदस्यों से 10 जनवरी 2024तक लागू करने के लिए कहा गया था।