Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद बनी रहेगी रेगुलर इनकम! ये 6 धांसू ऑप्शन सिक्योर करेंगे आपका भविष्य
Best Retirement Investment Options: कोई भी नौकरीपेशा व्यक्ति अपने रिटायरमेंट को लेकर संजीदा होता है। क्योंकि इसके बाद उसकी रेगुलर सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन खर्च कभी खत्म नहीं होते। चाहे वह घर का राशन हो, बढ़ते मेडिकल खर्च हों या फिर घूमने-फिरने के शौक। ऊपर से लगातार बढ़ती महंगाई और बढ़ती लाइफ एक्सपेक्टेंसी के चलते समय रहते सही रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना बेहद जरूरी हो गया है
जितनी जल्दी आप बचत और निवेश की शुरुआत करते हैं, आपको कंपाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलता है
Best Investment Options for Retirement: जिंदगी के उस पड़ाव का नाम रिटायरमेंट है, जहां आपकी रेगुलर सैलरी तो बंद हो जाती है, लेकिन महीने के खर्च कभी खत्म नहीं होते। चाहे वह घर का राशन हो, बढ़ते मेडिकल खर्च हों या फिर घूमने-फिरने के शौक। ऊपर से लगातार बढ़ती महंगाई और बढ़ती लाइफ एक्सपेक्टेंसी के चलते समय रहते सही रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
जितनी जल्दी आप बचत और निवेश की शुरुआत करते हैं, आपको कंपाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलता है। भारत में सरकार द्वारा समर्थित और मार्केट-लिंक्ड कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जो न केवल बड़ा फंड तैयार करते हैं बल्कि बुढ़ापे में पेंशन या नियमित आय भी सुनिश्चित करते हैं।
आइए जानते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग के 6 प्रमुख विकल्पों के बारे में:
1. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)- पेंशन और टैक्स बचत का कॉम्बिनेशन
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) सरकार द्वारा संचालित एक बेहतरीन रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है, जिसे PFRDA रेगुलेट करता है। पेंशनर्स और स्वरोजगार दोनों तरह के लोग इसमें खाता खुलवा सकते हैं। आपका पैसा इक्विटी यानी शेयर बाजार, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और अल्टरनेटिव एसेट्स में लगाया जाता है।
60 साल की उम्र पूरी होने पर आप कुल जमा राशि का एक बड़ा हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं, जबकि बाकी हिस्से से एनुटी खरीदकर जीवनभर पेंशन का लाभ ले सकते हैं। इसमें बेहतरीन टैक्स छूट भी मिलती है।
2. अटल पेंशन योजना (APY)- असंगठित क्षेत्र के लिए गारंटीड पेंशन
विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कम आय वाले लोगों को ध्यान में रखकर अटल पेंशन योजना (APY) बनाई गई है। 18 से 40 वर्ष तक के भारतीय नागरिक इसमें शामिल हो सकते हैं। 60 वर्ष की आयु तक योगदान करने के बाद, सरकार आपके द्वारा दिए गए अंशदान के आधार पर हर महीने ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन देती है। चूंकि यह पूरी तरह से सरकारी योजना है, इसलिए इसमें बाजार का जोखिम नहीं होता और गारंटीड रिटर्न मिलता है।
सुरक्षित निवेश और हर महीने तय आमदनी चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) सबसे पसंदीदा विकल्पों में से एक है। सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम की अवधि 5 साल की होती है। वर्तमान में इस पर 7.4% सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है, जिसका भुगतान हर महीने सीधे आपके खाते में होता है।
जो लोग रिटायरमेंट के बाद बाजार से बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं और थोड़ा जोखिम ले सकते हैं, उनके लिए SWP एक बेहतरीन जरिया है। पहले आप SIP के जरिए म्यूचुअल फंड्स में अपना रिटायरमेंट कॉर्पस बनाते हैं। रिटायरमेंट के बाद उसी फंड से SWP चालू कर देते हैं। इसके जरिए आप हर महीने अपनी जरूरत के हिसाब से तय रकम निकाल सकते हैं। बाकी बची रकम फंड में ही इन्वेस्टेड रहती है और उस पर रिटर्न मिलता रहता है।
5. स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टिंग फंड्स (SIFs)- एडवांस्ड इन्वेस्टर्स के लिए
सेबी रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड्स द्वारा शुरू किए गए SIF पारंपरिक म्यूचुअल फंड्स की तुलना में अधिक लचीलापन और एडवांस्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी प्रदान करते हैं। इसमें सभी रणनीतियों को मिलाकर एक PAN लेवल पर कम से कम ₹10 लाख का शुरुआती निवेश अनिवार्य होता है। यह उन अनुभवी निवेशकों के लिए बेहतर है जो म्यूचुअल फंड के ढांचे के भीतर रहते हुए इनोवेटिव स्ट्रैटेजीज का लाभ उठाना चाहते हैं।
6. अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs)- HNIs के लिए खास विकल्प
AIFs प्राइवेटली पूल्ड इन्वेस्टमेंट व्हीकल होते हैं, जिन्हें ट्रस्ट, कंपनी या एलएलपी के रूप में बनाया जाता है। श्रेणियां:
Category I: वेंचर कैपिटल, SME और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स।
Category II: प्राइवेट इक्विटी और प्राइवेट क्रेडिट फंड्स।
Category III: हेज फंड्स और कॉम्पलेक्स ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीज वाले फंड्स।
AIFs में प्रवेश करने के लिए कम से कम ₹1 करोड़ के निवेश की जरूरत होती है। इसलिए यह विकल्प मुख्य रूप से हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) के लिए सही माना जाता है।
कुल मिलाकर रिटायरमेंट प्लानिंग कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह एक लंबी जर्नी है। अगर आप कम जोखिम के साथ सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, तो NPS, APY और POMIS आपके लिए बेहतर हैं। वहीं, महंगाई को मात देने और बड़ा फंड बनाने के लिए म्यूचुअल फंड (SIP + SWP) का कॉम्बिनेशन अपनाया जा सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।