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रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं, जानिए NPS क्यों बेस्ट ऑप्शन है

NPS एक स्वैच्छिक, डिफाइंड कंट्रिब्यूशन रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है। अगर कोई एंप्लॉयी नौकरी शुरू करने के बाद इस स्कीम में निवेश शुरू करता है तो रिटायरमेंट तक उसके लिए अच्छा फंड तैयार हो जाता है। इसमें 60 साल पूरे होने पर एक तो उसे बड़ा एकमुश्त अमाउंट मिलता है। दूसरा, उसे अपने फंड के कम से कम 40 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए करना पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2023 पर 7:41 PM
रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं, जानिए NPS क्यों बेस्ट ऑप्शन है
18 साल का व्यक्ति NPS में निवेश शुरू कर सकता है। हर साल एनपीएस में कम से कम 6000 रुपये निवेश करना जरूरी है। एनपीएस में जमा होने वाले आपके पैसे का निवेश फंड मैनेजर मार्केट-आधारित इंस्ट्रूमेंट में करता है।

रिटायरमेंट के लिए जितना जल्द हो सके इनवेस्टमेंट शुरू कर देने में फायदा है। अभी रिटायरमेंट के लिए निवेश करने के कुछ ऑप्शंस उपलब्ध हैं। इनमें सबसे पहला नाम NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम का है। इसके अलावा VPF यानी Voluntary Provident Fund, म्यूचुअल फंड और PPF हैं। लेकिन, NPS एकमात्र ऐसी स्कीम है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को रेगुलर इनकम मिलती है। मार्केट में उपलब्ध दूसरी सभी स्कीमों का मकसद व्यक्ति के लिए रेगुलर सेविंग्स के जरिए अच्छा फंड तैयार करना है।

क्या है NPS?

सरकार ने NPS को 2003 में पेश किया था। इसे 1 जनवरी, 2004 से सरकारी एंप्लॉयीज के लिए लागू किया गया। साल 2009 में इस स्कीम को दूसरे लोगों के लिए भी ओपन कर दिया गया। NPS एक स्वैच्छिक, डिफाइंड कंट्रिब्यूशन रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है। अगर कोई एंप्लॉयी नौकरी शुरू करने के बाद इस स्कीम में निवेश शुरू करता है तो रिटायरमेंट तक उसके लिए अच्छा फंड तैयार हो जाता है। इसमें 60 साल पूरे होने पर एक तो उसे बड़ा एकमुश्त अमाउंट मिलता है। दूसरा, उसे अपने फंड के कम से कम 40 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए करना पड़ता है। इस एन्युटी से उसे हर महीने रेगुलर इनकम मिलती रहती है। इससे उसका मासिक खर्च चलता है, जिससे उसे आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है।

NPS कैसे काम करता है?

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