Get App

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए निवेश के क्या-क्या ऑप्शंस हैं?

नौकरी के दौरान हर महीने आने वाली सैलरी रिटायरमेंट बाद बंद हो जाती है। उम्र ज्यादा होने पर व्यक्ति की काम करने की क्षमता भी पहले जैसी नहीं रहती है। उधर, सेहत की देखभाल पर आने वाला खर्च बढ़ जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 30, 2022 पर 5:59 PM
Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए निवेश के क्या-क्या ऑप्शंस हैं?
ऐसी कई स्कीमें हैं, जिनमें निवेश करने से रिटायरमेंट बाद के खर्चों को पूरा करने का इंतजाम हो सकता है।

कई लोगों को रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम की चिंता सताती है। इसकी वजह यह है कि नौकरी के दौरान हर महीने आने वाली सैलरी रिटायरमेंट के बाद बंद हो जाती है। उम्र ज्यादा होने पर व्यक्ति की काम करने की क्षमता भी पहले जैसी नहीं रहती है। उधर, सेहत की देखभाल पर आने वाला खर्च बढ़ जाता है।

इसलिए हर व्यक्ति के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग जरूरी है। इसके लिए सबसे यह जान लेना ठीक रहेगा कि रिटायरमेंट बाद हमें अपने खर्च के लिए कितने पैसे की जरूरत पड़ेगी। यह पता चलने के बाद हम निवेश के माध्यमों का चुनाव कर सकते हैं। ऐसी कई स्कीमें हैं, जिनमें निवेश करने से रिटायरमेंट बाद के खर्चों को पूरा करने का इंतजाम हो सकता है। आइए उनके बारे में जानते हैं।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)

यह सरकार की स्कीम है। पहले इसका इंटरेस्ट रेट सालाना 7.4 फीसदी था। 29 सितंबर को सरकार ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाकर 7.6 फीसदी कर दिया। इससे इस स्कीम का आकर्षण बढ़ गया है। इस स्कीम में इंटरेस्ट अमाउंट का पेमेंट हर तिमाही किया जाता है। कोई सीनियर सिटीजन इस स्कीम में 15 लाख रुपये डिपॉजिट कर सकता है। इससे उसे सालाना 1.1 लाख रुपये से ज्यादा अमाउंट बतौर इंटरेस्ट मिलेगा। इसमें पति के साथ पत्नी को भी 15 लाख रुपये डिपॉजिट करने की इजाजत है। इससे इंटरेस्ट अमाउंट दोगुना हो जाएगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें