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दुबई में भी फैलेगी Sacheerome की महक, भारतीय फ्लेवर कंपनी ने रखा 30-40% ग्रोथ का लक्ष्य

Sacheerome मिडिल ईस्ट में तेजी से अपना दबदबा बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य यहां 30 से 40 फीसदी की सालाना ग्रोथ हासिल करने का है। कंपनी की कोशिश है कि भारत के बाहर दुबई में भी इसका कारोबार मजबूत हो और वह दूसरे घर की तरह यहां स्ट्रैटजी तैयार कर रही है

Akhileshअपडेटेड Oct 30, 2024 पर 1:44 PM
दुबई में भी फैलेगी Sacheerome की महक, भारतीय फ्लेवर कंपनी ने रखा 30-40% ग्रोथ का लक्ष्य
Sacheerome: भारतीय फ्रेगरेंस और फ्लेवर कंपनी ने 30 से 40 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य रखा है

Sacheerome in Middle East market: फ्रेगरेंस और फ्लेवर कंपनी Sacheerome मिडिल ईस्ट में तेजी से अपना दबदबा बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य यहां 30 से 40 फीसदी की सालाना ग्रोथ हासिल करने का है। कंपनी की कोशिश है कि भारत के बाहर दुबई में भी इसका कारोबार मजबूत हो और वह दूसरे घर की तरह यहां स्ट्रैटजी तैयार कर रही है। यह जानकारी कंपनी के चीफ परफ्यूमर और एमडी मनोज अरोड़ा (Chief Perfumer and Managing Director Manoj Arora) ने दी है।

ब्यूटीवर्ल्ड मिडिल ईस्ट एक्सपो 2024 (Beautyworld Middle East Expo 2024) में बोलते हुए अरोड़ा ने यह विस्तार 2030 तक विशिष्ट फ्रेगरेंस और फ्लेवर एक्सपीरियंस में अग्रणी होने के कंपनी के वैश्विक दृष्टिकोण का समर्थन करता है। अरोड़ा ने कहा, "हमारा लक्ष्य 2030 तक यूनिक फ्रेगरेंस और फ्लेवर एक्सपीरियंस में ग्लोबल लीडर बनना है। हम मध्य पूर्व क्षेत्र में साल-दर-साल 30-40% की वृद्धि पर नजर रख रहे हैं।"

अरोड़ा ने आगे कहा, "भारत में हमारे पास वर्ल्ड क्लास R&D और रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग है। दुबई में आरएंडडी, एप्लीकेशन, मूल्यांकन केंद्र और वेयरहाउस स्थापित करने से क्षेत्रीय मांगों को तेजी से और अधिक रचनात्मक तरीके से पूरा करने की हमारी क्षमता बढ़ेगी।" उन्होंने कहा, "भारत के समृद्ध संसाधन और कम रिसोर्स हमें एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बढ़त देते हैं।"

मध्य पूर्व और अफ्रीका (MEA- Middle East and Africa) के फ्रेगरेंस और फ्लेवर सेक्टर का मूल्य 2023 में $2.92 बिलियन है। 2032 तक यह $4.16 बिलियन तक बढ़ने का अनुमान है। यह सेक्टर महत्वपूर्ण विकास क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। अकेले खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) मार्केट में 4.9% की CAGR पर विस्तार होने का अनुमान है, जो प्रीमियम और स्थानीय रूप से तैयार उत्पादों की उच्च उपभोक्ता मांग से बढ़ा है।

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