Saudi Arabia Property Market: सऊदी अरब के रियल एस्टेट मार्केट में पैसे लगाना अब बेहद आसान हो गया है। किंगडम ने एक आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके जरिए विदेशी नागरिक अब सऊदी अरब में सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेशी निवेशकों के लिए इनवेस्टमेंट को और अधिक आसान बनाने के लिए ये ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
यह कदम इस साल की शुरुआत में लागू हुए नए ओनरशिप कानून के तहत उठाया गया है। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) ने इस आधिकारिक 'सऊदी प्रॉपर्टीज पोर्टल' की शुरुआत की घोषणा की है, जिससे मिडिल ईस्ट के सबसे तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी मार्केट्स में से एक में विदेशियों की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। आइए समझते हैं कि नया नियम क्या है और कौन यहां जमीन या घर खरीद सकता है।
घर बैठे ऑनलाइन खरीदें प्रॉपर्टी
इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को विदेशी स्वामित्व के आवेदनों के लिए सिंगल ऑफिशियल चैनल के रूप में तैयार किया गया है। इस पोर्टल के जरिए सऊदी अरब के अंदर और बाहर रहने वाले पात्र व्यक्ति और कंपनियां पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। इसमें पात्रता की जांच, आवेदन जमा करना, एप्लीकेशन ट्रैकिंग और सरकार द्वारा मंजूर किए गए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जानकारी हासिल करना शामिल है।
यह कदम सऊदी अरब की अपनी अर्थव्यवस्था को तेल से इतर डाइवर्सिफाई करने और देश को बिजनेस, टूरिज्म तथा रियल एस्टेट का ग्लोबल हब बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
कौन-कौन खरीद सकता है सऊदी अरब में प्रॉपर्टी?
नए नियमों के तहत विदेशी व्यक्तियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं को एक तय और रेगुलेटेड प्रक्रिया के तहत सऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों में रियल एस्टेट खरीदने की अनुमति दी गई है:
सऊदी में रहने वाले विदेशी निवासी: जो विदेशी नागरिक पहले से ही सऊदी अरब में रह रहे हैं, वे अपने रेजिडेंसी नंबर यानी 'इकामा' (Iqama) का इस्तेमाल करके सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। सरकारी डेटाबेस के जरिए उनकी पात्रता की जांच ऑटोमैटिक हो जाएगी।
सऊदी से बाहर रहने वाले लोग: जो लोग सऊदी अरब से बाहर रहते हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सऊदी राजनयिक मिशनों के जरिए एक डिजिटल पहचान पत्र हासिल करना होगा।
विदेशी कंपनियां: जिन विदेशी कंपनियों की सऊदी अरब में पहले से मौजूदगी नहीं है, उन्हें सबसे पहले निवेश मंत्रालय के 'इन्वेस्ट सऊदी' प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और एक नेशनल यूनिफाइड नंबर हासिल करना होगा।
मक्का और मदीना को लेकर क्या हैं पाबंदियां?
भले ही नए कानून ने विदेशी ओनरशिप का दायरा काफी बढ़ा दिया है, लेकिन इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों- मक्का और मदीना को लेकर कड़े प्रतिबंध बरकरार रखे गए हैं। मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार केवल सऊदी कंपनियों और मुस्लिम व्यक्तियों चाहे वे सऊदी के अंदर रहते हों या बाहर तक ही सीमित रहेगा। गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक इन दो पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकेंगे।
अरबों डॉलर के मेगा प्रोजेक्ट्स में निवेश का मौका
सऊदी अरब इस समय दुनिया के सबसे बड़े शहरी विकास कार्यक्रमों में से एक से गुजर रहा है। किंगडम अपने कई मेगा प्रोजेक्ट्स जैसे- नियोम सिटी, दिरिया गेट, रेड सी प्रोजेक्ट, किद्दिया और न्यू मुरब्बा में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। सरकार का मानना है कि मार्केट को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए खोलने से इन प्रोजेक्ट्स को लॉन्ग-टर्म कैपिटल मिलेगी और आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में भारी इजाफा होगा।