SCSS vs MIS: अगर आप अपनी बचत पर नियमित कमाई चाहते हैं, तो सरकार की छोटी बचत योजनाएं अच्छा विकल्प हो सकती हैं। इनमें कुछ योजनाओं में ब्याज हर महीने मिलता है, जबकि कुछ में तिमाही भुगतान होता है। इसलिए निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि किस योजना से कितना कैश फ्लो मिल सकता है।
फिलहाल पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में ब्याज दर 8.2% है। हालांकि, दोनों योजनाओं में निवेश की सीमा और ब्याज मिलने का तरीका अलग है।
पोस्ट ऑफिस MIS में हर महीने ब्याज
अगर आपका लक्ष्य हर महीने तय रकम पाना है, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी MIS देख सकते हैं। इसमें ब्याज हर महीने मिलता है। योजना की अवधि 5 साल है।
सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। मौजूदा 7.4% ब्याज दर के हिसाब से ₹9 लाख जमा करने पर सालाना ब्याज ₹66,600 होगा। यानी हर महीने करीब ₹5,550 मिलेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए SCSS में ज्यादा ब्याज
60 साल या उससे ज्यादा उम्र के निवेशकों के लिए SCSS ज्यादा बेहतर विकल्प है। इसमें अभी 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। हालांकि, इसमें ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में होता है। इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख निवेश किया जा सकता है। अवधि 5 साल है।
अब ₹10 लाख के निवेश का हिसाब समझिए। 8.2% की दर से सालाना ब्याज ₹82,000 होगा। यानी हर तिमाही करीब ₹20,500 मिलेंगे। अगर ₹30 लाख जमा किए जाते हैं, तो सालाना ब्याज ₹2.46 लाख होगा। इसका मतलब हर तीन महीने करीब ₹61,500 की आय होगी।
अगर आपको हर महीने कमाई चाहिए, तो MIS पर गौर कर सकते हैं। विचार किया जा सकता है। यह योजना हर किसी के लिए है, तो इसमें निवेश की आसानी भी रहती है। लेकिन, अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो SCSS में 8.2% की ब्याज का विकल्प मिलता है। हालांकि, इसमें भुगतान हर महीने नहीं होता।
सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। ब्याज से होने वाली आय पर आपकी टैक्स स्थिति के हिसाब से असर पड़ सकता है। इसलिए निवेश की रकम, उम्र, आय और पैसों की जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।