SCSS vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद कौन-सी स्कीम से होगी ज्यादा रेगुलर इनकम? समझिए पाई-पाई का कैलकुलेशन!
Senior Citizens Savings Scheme vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम और सुरक्षित भविष्य की तलाश है? पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और मंथली इनकम स्कीम दो सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं। 8.2% और 7.4% ब्याज दर के साथ, जानिए ₹30 लाख या ₹15 लाख के निवेश पर आपको हर महीने या हर 3 महीने में कितनी कमाई होगी
अपने खर्चों के हिसाब से सही स्कीम चुनने का पूरा कैलकुलेशन समझें
Senior Citizens Savings Scheme vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद हर किसी की सबसे बड़ी प्राथमिकता एक सुरक्षित और तय रेगुलर इनकम की होती है। ऐसे में डाकघर की दो सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाएं सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) निवेशकों की पहली पसंद बनती हैं।
दोनों ही स्कीम्स पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ सुरक्षित हैं, लेकिन दोनों की ब्याज दरें, निवेश की सीमा, भुगतान का तरीका और टैक्स नियम काफी अलग हैं। आइए जानते हैं कि आपके रिटायरमेंट के लिए कौन-सी स्कीम ज्यादा बेहतर रहेगी।
कौन कर सकता है निवेश?
SCSS: यह स्कीम मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। हालांकि, VRS लेने वाले या सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी कुछ शर्तों के साथ 60 साल से पहले भी खाता खुलवा सकते हैं।
Post Office MIS: इस योजना में उम्र की कोई पाबंदी नहीं है। सीनियर सिटीजन के अलावा 18 साल से अधिक का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें खाता खुलवा सकता है।
ब्याज दरें और पे-आउट का तरीका
SCSS: जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के लिए SCSS में 8.2% सालाना का ब्याज मिल रहा है। इस योजना में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्यदिवस पर होता है।
Post Office MIS: POMIS में 7.4% सालाना का ब्याज दिया जा रहा है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें ब्याज का भुगतान हर महीने सीधे आपके बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में होता है, जो घरेलू खर्च चलाने के लिए बेहद सुविधाजनक है।
अधिकतम कितना कर सकते हैं निवेश?
SCSS: इसमें एक व्यक्ति अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है।
Post Office MIS: सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
कैलकुलेशन: किसमें कितना मिलेगा रिटर्न?
आइए गणित के जरिए समझते हैं कि अधिकतम निवेश पर आपको किस स्कीम से कितनी कमाई होगी:
केस 1: SCSS (₹30 लाख का निवेश @ 8.2%)
कुल निवेश: ₹30,000,000
सालाना ब्याज: ₹2,46,000
हर 3 महीने की कमाई: ₹61,500
मंथली एवरेज: लगभग ₹20,500 प्रति माह
केस 2: Post Office MIS - जॉइंट अकाउंट (₹15 लाख का निवेश @ 7.4%)
कुल निवेश: ₹1,500,000
सालाना ब्याज: ₹1,11,000
हर महीने की कमाई: ₹9,250
केस 3: Post Office MIS - सिंगल अकाउंट (₹9 लाख का निवेश @ 7.4%)
कुल निवेश: ₹9,000,000
सालाना ब्याज: ₹66,600
हर महीने की कमाई: ₹5,550
लॉक-इन पीरियड और टैक्स के नियम
दोनों ही योजनाओं का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का होता है। हालांकि, कुछ कटौतियों और शर्तों के साथ समय से पहले निकासी की जा सकती है। दोनों ही स्कीम्स से मिलने वाला ब्याज निवेशक की टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह से टैक्सेबल होता है। तय सीमा से अधिक ब्याज होने पर बैंक/डाकघर द्वारा TDS भी काटा जा सकता है। (SCSS में सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ शुरुआती निवेश पर मिलता है)।
आपके लिए कौन-सी स्कीम है बेस्ट?
SCSS चुनें: अगर आपके पास रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा है, आपकी उम्र 60 साल से ऊपर है और आप ज्यादा रिटर्न (8.2%) के साथ हर 3 महीने में एक बड़ी रकम पाना चाहते हैं।
Post Office MIS चुनें: अगर आपको हर महीने रसोई और घर के रेगुलर खर्चों के लिए तय मंथली इनकम की जरूरत है।
स्मार्ट स्ट्रेटेजी: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रिटायरमेंट के बाद दोनों का कॉम्बिनेशन सबसे बेस्ट होता है। आप अपने फंड का बड़ा हिस्सा SCSS में डालकर ज्यादा रिटर्न हासिल कर सकते हैं और एक हिस्सा MIS में लगाकर हर महीने का कैश-फ्लो मेंटेन रख सकते हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।