Inherited Property Sale: बाप-दादा से विरासत में मिली जमीन बेचते समय टैक्स और पैसों के सही इस्तेमाल को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। अगर कोई भी व्यक्ति अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर पैसा लेना चाहते हैं, तो उन्हें यह समझना जरूरी है कि टैक्स कैसे लगेगा। साथ ही पैसा कहां रखें या इन्वेस्ट करें और बच्चों में कैसे बांटा जाए। ताकि, टैक्स से बचा जा सके।
अगर जमीन विरासत में मिली है, तो टैक्स निकालते समय उस कीमत को आधार माना जाता है, जिस पर पहले मालिक ने जमीन खरीदी थी। यानी, जमीन का पहला खरीददार परिवार में कौन था। अगर यह प्रॉपर्टी 1 अप्रैल 2001 से पहले खरीदी गई थी, तो उस समय की मार्केट वैल्यू को भी आधार बनाया जा सकता है।
जमीन बेचने पर होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) माना जाएगा। इस पर 12.5% टैक्स देना होता है। अगर इंडेक्सेशन का फायदा लिया जाए, तो 20% टैक्स के साथ टैक्स कम किया जा सकता है।
टैक्स कैसे बचाया जा सकता है?
टैक्स बचाने के लिए कुछ विकल्प मौजूद हैं। जैसे सेल से मिले पैसे से नया घर खरीदकर टैक्स से बचा जा सकता है। या उस पैसे को कैपिटल गेन बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। अगर तय समय के अंदर यह निवेश किया जाता है, तो टैक्स में राहत मिल सकती है।
पैसा कहां रखें और क्या होगा टैक्स?
जमीन बेचने के बाद मिला पैसा सेविंग अकाउंट में रखा जा सकता है। लेकिन उस पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होगा। इसलिए बेहतर है कि पैसे को सही तरीके से निवेश किया जाए, ताकि रिटर्न भी मिले और टैक्स का बोझ कम हो।
बच्चों में पैसा कैसे बांटें?
टैक्स चुकाने के बाद व्यक्ति अपने बच्चों में पैसा बांट सकता है। इसमें कोई अलग टैक्स नहीं लगता, लेकिन सही तरीके से डॉक्यूमेंटेशन करना जरूरी होता है।
ब्रोकर की डील का क्या असर होगा?
अगर जमीन x+y कीमत पर बिकती है, तो टैक्स की कैलकुलेशन पूरी सेल कीमत (x+y) पर होगी, भले ही आपके पिता को सिर्फ x रकम मिले। हालांकि, ब्रोकर को दिया गया हिस्सा (y) खर्च के रूप में दिखाया जा सकता है, जिससे टैक्स थोड़ा कम हो सकता है। विरासत में मिली जमीन बेचते समय सही प्लानिंग बेहद जरूरी है।