Silver Price: चांदी ने रचा इतिहास, पहली बार ₹3 लाख के पार; अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Silver Price: MCX पर चांदी पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है। वैश्विक तनाव और मजबूत औद्योगिक मांग ने कीमतों को नई ऊंचाई दी है। ऐसे में निवेशकों के लिए सवाल है कि अब चांदी खरीदें, बेचें या होल्ड करें। एक्सपर्ट से जानिए जवाब।

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 3:21 PM
Story continues below Advertisement
वैश्विक बाजार में Comex पर स्पॉट सिल्वर 94.36 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया।

Silver Price: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी ने 19 जनवरी को इतिहास रच दिया। पहली बार चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह रही दुनिया में बढ़ता तनाव और मजबूत औद्योगिक मांग, जिससे इन्वेस्टर्स ने तेजी से सुरक्षित निवेश का रुख किया।

एक ही दिन में ₹16,438 का उछाल

चांदी पिछले कारोबारी सत्र में 2,87,762 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। 19 जनवरी को इसने 3,04,200 रुपये का हाई बनाया। चांदी ने एक ही कारोबारी सत्र में 16,438 रुपये प्रति किलो या लगभग 5.7 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई। आज का इसका लो 2,93,100 रुपये रहा है।


पिछले एक साल में चांदी की कीमत करीब 206 प्रतिशत बढ़ चुकी है। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को इसका पिछला हाई 2,92,960 रुपये प्रति किलो था। 19 जनवरी को दोपहर 3.10 बजे तक चांदी में 15,033 रुपये बढ़कर 3,02,570 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।

Silver Outlook: 'गिरावट पर खरीदें चांदी', मोतीलाल ओसवाल की सलाह, ₹1.50 लाख तक जा सकता है भाव - silver outlook buy on dips says motilal oswal industrial demand investment inflows and supply

ट्रंप की धमकी से बढ़ा वैश्विक तनाव

इस तेजी को उस समय और रफ्तार मिली जब वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर जून तक कोई समझौता नहीं होता तो ग्रीनलैंड से जुड़े विवाद को लेकर यूरोपीय देशों पर 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं।

ट्रंप के इस बयान के बाद निवेशकों में डर बढ़ा और उन्होंने सोना व चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया। इसका असर सीधे कीमतों पर दिखा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ऑल टाइम हाई

वैश्विक बाजार में Comex पर स्पॉट सिल्वर 94.36 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया। बाद में यह करीब 93.18 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, जो पिछले बंद भाव से 5.25 प्रतिशत ज्यादा है।

हालांकि फिजिकल मार्केट में सप्लाई को लेकर कुछ नरमी के संकेत मिल रहे हैं। Comex वेयरहाउस से चांदी वापस यूरोप की ओर जा रही है। इसके बावजूद कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऊंची कीमतों की वजह से औद्योगिक मांग पर थोड़ा दबाव आ सकता है। लेकिन, चीन में सट्टेबाजी की मांग अब भी काफी मजबूत बनी हुई है।

इंडस्ट्रियल डिमांड भी दे रही सहारा

शंघाई में चांदी की कीमतें लंदन के मुकाबले करीब 10 डॉलर ज्यादा चल रही हैं। यह अंतर साफ तौर पर बताता है कि अलग-अलग क्षेत्रों में मांग का संतुलन बिगड़ा हुआ है।

चांदी की तेजी सिर्फ सुरक्षित निवेश की वजह से नहीं है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टर में मजबूत औद्योगिक मांग भी कीमतों को सहारा दे रही है। इसके साथ ही निवेश से जुड़े फंड फ्लो ने कीमतों में उतार-चढ़ाव को और तेज कर दिया है।

Silver Price: एक ही दिन में ₹12000 से ज्यादा बढ़ा चांदी का भाव, ये 5 बड़े कारण हैं जिम्मेदार - silver price jumps over rs 12000 in a day five major reasons

अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी बड़ी तेजी

चांदी की यह रैली अक्टूबर 2025 में करीब 45 डॉलर प्रति औंस से शुरू हुई थी। इसके बाद दिसंबर तक कीमत 82.7 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। एक्सपर्ट का मानना है कि सप्लाई की सीमाएं और मजबूत संरचनात्मक मांग इस तेजी को आगे भी सहारा दे सकती हैं।

अब चांदी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

VT Market के APAC सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खू का कहना है कि चांदी का 3 लाख रुपये प्रति किलो पार करना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है। उनके मुताबिक, यह बढ़ती सुरक्षित निवेश मांग और वैश्विक अनिश्चितता को दिखाता है।

जस्टिन कहा कि यह सिर्फ शॉर्ट टर्म तेजी नहीं, बल्कि एक लंबा स्ट्रक्चरल अपट्रेंड है। इसे सप्लाई की कमी और सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से मजबूत मांग का समर्थन मिल रहा है।

हालांकि, जस्टिन ने निवेशकों को सलाह दी है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर कीमतों के पीछे भागने से बचना चाहिए। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए इन स्तरों पर मुनाफा बुक करना सही रणनीति हो सकती है। वहीं, लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चांदी अब भी महंगाई और बाजार की अनिश्चितता से बचाव का अच्छा विकल्प बनी हुई है।

चांदी में बना रहेगा उतार-चढ़ाव

आगे आने वाले समय में बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और Q3 GDP के अंतिम डेटा पर रहेगी। भले ही शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात अब भी चांदी के पक्ष में हैं।

Augmont की रिपोर्ट के मुताबिक चांदी में खरीदार और विक्रेता दोनों तरफ से तेज सट्टेबाजी देखने को मिल रही है। इसी वजह से कीमतों में अचानक और तेज उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका मतलब है कि आगे भी वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि का नजरिया अब भी सकारात्मक माना जा रहा है।

Silver Rate Today: चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, 3 लाख रुपये के पार सिल्वर, चेक करें अपने शहर का रेट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।