Silver Price Outlook: रिकॉर्ड ऊंचाई से 45% फिसली चांदी, क्या अगले साल इसमें फिर आएगी तूफानी तेजी?

Silver Price Outlook:1 जनवरी, 2025 को चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 डॉलर प्रति औंस था। जनवरी 2026 में भाव 121 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इस साल जून तक कीमत करीब 65 फीसदी गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थीं

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 4:38 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
भारत में इस साल जनवरी में चांदी का भाव 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था।

Silver Price Outlook: चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 45 फीसदी गिर चुकी हैं। इस साल जनवरी के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर का प्राइस 120 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया था। अब यह गिरकर 60-61 डॉलर प्रति औंस रह गया है। भारत में एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 4.28 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। अब यह गिरकर 2.39-2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया है। सवाल है कि क्या चांदी की कीमतें फिर से 2027 में नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगी?

इस साल जनवरी में चांदी की कीमत 121 डॉलर प्रति औंस थी

अगले साल चांदी की सप्लाई डिमांड से ज्यादा रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि इस वजह से रिकॉर्ड ऊंचाई पर जाने की जगह चांदी की कीमतों में कंसॉलिडेशन दिख सकता है। चांदी की कीमतों में पिछले करीब दो साल में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 1 जनवरी, 2025 को चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 30 डॉलर प्रति औंस था। जनवरी 2026 में भाव 121 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।


इस साल जून में 57 डॉलर प्रति औंस तक आ गई थी कीमत 

इस साल जून तक कीमत करीब 65 फीसदी गिरकर 57 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थीं। अभी यह 60-61 डॉलर प्रति औंस पर चल रही हैं। भारत में भी इस साल जनवरी में चांदी का भाव 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। अभी यह गिरकर 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा है। पिछले महीने चांदी 8 फीसदी से ज्यादा गिरी। इस साल यह करीब 14 फीसदी गिरी है।

अगले साल डिमांड  से ज्यादा रह सकती है सप्लाई

पिछले कुछ सालों में चांदी की सप्लाई उसकी डिमांड से कम थी। 2021 में चांदी की सप्लाई करीब 8 से 10 करोड़ औंस कम थी। 2025 में यह 4 करोड़ औंस रही। इस साल यह 4.6 करोड़ औंस कम रह सकती है। लेकिन, अगले साल चांदी की सप्लाई डिमांड से ज्यादा रहने की उम्मीद है। इसकी वजह चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में कमी है।

चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड घटने के संकेत

एक तरफ चांदी की डिमांड सुस्त पड़ने के संकेत हैं तो दूसरी तरफ इसकी सप्लाई बढ़ रही है। चीन में सोलर पावर सेक्टर की चांदी की डिमांड 30 फीसदी कम रह सकती है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि कॉस्ट घटाने के लिए मैन्युफैक्चरर्स अब पतले इलेक्ट्रिकल कॉन्टैक्ट्स, सिल्वर पेस्ट और कॉपर पर सिल्वर प्लेटिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Gold Price Correction: सोने की कीमत इस साल 26% गिरी, अब खरीदारी का मौका? Tata MF ने बताई पूरी रणनीति

ब्रोकरेज फर्मों ने दिए कीमत के अनुमान 

जेपी मॉर्गन का मानना है कि अगले साल चांदी की कीमत 63.90 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। UBS ने चांदी की कीमतें 80 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। Citi का मानना है कि अगले साल चांदी 65-75 डॉलर प्रति औंस के बीच रह सकती है। HSBC ने इसकी कीमत 68 डॉलर प्रति औंस और डोएचे बैंक ने 70 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।