Silver Price Drop Ahead of Diwali: त्योहारी सीजन और दिवाली से ठीक पहले बुलियन मार्केट से बड़ी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 4.72% की भारी गिरावट के साथ $49.68 प्रति औंस के आसपास आ गई है, जो नवंबर 2025 के बाद से इसका 11 महीने का सबसे निचला स्तर है। वहीं, यूएस सिल्वर फ्यूचर्स भी 4.97% गिरकर $49.77 प्रति औंस पर कारोबार कर रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट की इस गिरावट का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखा, जहां स्पॉट चांदी की कीमतें एक ही दिन में 5.70% (₹11,000 से ज्यादा) टूटकर ₹1,82,442 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 4.52% फिसलकर ₹1,80,885 प्रति किग्रा पर बंद हुई।
पहले जानिए क्यों धड़ाम हुई चांदी?
बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी में आई इस तेज गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का डर: अमेरिका में उम्मीद से बेहतर आर्थिक विकास और लगातार बनी महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका गहरा गई है।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड की मजबूती: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों से बॉन्ड यील्ड और डॉलर को समर्थन मिला है, जिससे बिना ब्याज देने वाली कीमती धातुओं का आकर्षण कम हुआ है।
औद्योगिक मांग पर चिंता: सोने के मुकाबले चांदी पर औद्योगिक मांग का ज्यादा असर होता है। ऊंची कीमतों पर मांग की स्थिरता को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई है।
सिल्वर ईटीएफ पर भी पड़ा भारी दबाव
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से सिल्वर ईटीएफ भी अछूते नहीं रहे और पिछले 6 महीनों में इस कैटेगरी के फंड्स ने नेगेटिव रिटर्न दिया है:
$50 का अहम स्तर टूटा: क्या अब और गिरेगी चांदी?
विशेषज्ञों का मानना है कि $50 प्रति औंस का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटना निकट भविष्य के सेंटीमेंट के खराब होने का संकेत है।
निरपेंद्र यादव के मुताबिक, 'कीमतों का $50 के नीचे जाना प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल सेलिंग को बढ़ावा दे सकता है। अब $50 का लेवल एक बेहद महत्वपूर्ण थ्रेशोल्ड होगा। अगर चांदी इसके नीचे टिकी रहती है, तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है। बाजार में स्थिरता के लिए कीमतों का $50 से ऊपर रिकवर होना जरूरी है।'
दिवाली पर 'बाय द डिप' करें या नहीं? निवेशकों के लिए सलाह
दिवाली और धनतेरस पर खरीदारी को लेकर बाजार विशेषज्ञों का रुख सतर्कता भरा है। एनालिस्ट्स की सलाह है कि निवेशकों को केवल भाव गिरने की वजह से तुरंत पूरी पूंजी लगाने से बचना चाहिए।
बाजार में खरीदारी का फैसला करने से पहले कीमतों के स्थिर होने और दोबारा लिवाली लौटने के संकेतों का इंतजार करें। आगे चलकर चांदी की चाल अमेरिकी चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता, अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर इंडेक्स (जो फिलहाल 101.66 पर है) और अमेरिकी बेरोजगारी व नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों से तय होगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।