Silver Rate Today: चांदी की कीमतें एक बार फिर ऊपर की ओर बढ़ती दिख रही हैं। तो क्या यह चांदी खरीदने का सही समय है? एक्सपर्ट की राय है कि अभी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। कीमतों में और गिरावट आ सकती है। अगर चांदी सपोर्ट लेवल पर टिकती है, तब ही गिरावट के समय ही खरीदना बेहतर है। 23 जनवरी की सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया। इसकी कीमत बढ़कर 98.98 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। यह पिछले बंद भाव से करीब 3 प्रतिशत ज्यादा है।
मुनाफावसूली के बाद अब बाजार में हलचल तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता और इंडस्ट्रियल मांग के चलते चांदी निवेशकों के रडार पर बनी हुई है। जानकारों के मुताबिक इंडस्ट्री में बढ़ती मांग और वैश्विक हालात को लेकर चिंता ने चांदी को सहारा दिया है।
भारत में चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 22 जनवरी की शाम चांदी का भाव 2,99,711 रुपये प्रति किलो रहा। यह पिछले 24 घंटों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है। एक दिन पहले यही कीमत 3.19 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर थी।
वायदा बाजार की बात करें तो MCX पर चांदी ने मजबूती दिखाई। गुरुवार को चांदी 3,26,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। यह पिछले बंद भाव से करीब 2.5 प्रतिशत ज्यादा है। इससे पहले 21 जनवरी को MCX पर चांदी 3,35,521 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है।
देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के दाम लगभग एक जैसे ही रहे। टैक्स, ज्वैलर्स के मार्जिन और ढुलाई खर्च की वजह से मामूली अंतर जरूर देखने को मिला, लेकिन बड़ी कीमत में फर्क नहीं रहा।
हालांकि, हालिया गिरावट की एक बड़ी वजह मुनाफावसूली मानी जा रही है। चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट भी दिखाई है। एक्सपर्ट का कहना है कि चांदी तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली मेटल है और वैश्विक जोखिम घटते ही इसमें तेज करेक्शन आ जाता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, तकनीकी संकेत फिलहाल नई खरीद के पक्ष में नहीं हैं। ट्रेडर्स लंबी पोजिशन से बाहर निकलते दिख रहे हैं और बाजार में अभी स्थिरता की कमी है। कुछ अहम सपोर्ट लेवल से चांदी अभी भी ऊपर है, जिससे आगे और दबाव बन सकता है।
आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के दाम