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Silver vs gold: हाई लेवल से 48% नीचे चांदी, फिर भी सोने की चमक पर पड़ी भारी, जानें आखिर क्या है इसके पीछे की वजह

Silver vs Gold: भले ही इस साल सिल्वर की कीमत अपने हाई लेवल से काफी गिरी हो, लेकिन लंबे समय में चांदी, सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। फाइनेंस रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्वर ने पिछले पांच सालों में 27% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की है, जिससे यह इस अवधि में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख एसेट क्लास बन गया है

Curated By: Sujata Yadavअपडेटेड Aug 14, 2026 पर 1:31 PM
Silver vs gold: हाई लेवल से 48% नीचे चांदी, फिर भी सोने की चमक पर पड़ी भारी, जानें आखिर क्या है इसके पीछे की वजह
सिल्वर का इस्तेमाल कीमती मेटल में निवेश और इंडस्ट्री की मांग, दोनों में होता है, जिससे इसे एक अतिरिक्त सपोर्ट मिलता है। हालांकि गोल्ड के मामले में यह बात उतनी अहम नहीं है।

Silver vs Gold:  भले ही इस साल सिल्वर की कीमत अपने हाई लेवल से काफी गिरी हो, लेकिन लंबे समय में चांदी, सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। फाइनेंस रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्वर ने पिछले पांच सालों में 27% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की है, जिससे यह इस अवधि में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख एसेट क्लास बन गया है। हालांकि, जनवरी में लगभग $122 तक पहुंचने के बाद, यह मेटल 2026 के अपने हाई लेवल से 48% नीचे आ गया है।

सिल्वर का इस्तेमाल कीमती मेटल में निवेश और इंडस्ट्री की मांग, दोनों में होता है, जिससे इसे एक अतिरिक्त सपोर्ट मिलता है। हालांकि गोल्ड के मामले में यह बात उतनी अहम नहीं है।

इंडस्ट्रियल मांग से मिलता है चांदी को बढ़ावा

दोनों मेटल्स के बीच सबसे बड़े अंतरों में से एक सिल्वर की मांग का पैटर्न है। टाटा म्यूचुअल फंड का कहना है कि सिल्वर को इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हार्डवेयर के साथ-साथ सोलर सेक्टर में इसके इस्तेमाल से फायदा होता है। फंड हाउस को उम्मीद है कि ये इस्तेमाल लंबे समय तक मांग को सपोर्ट करेंगे, हालांकि कमजोर ग्लोबल इकोनॉमिक एक्टिविटी का असर निकट भविष्य में इंडस्ट्रियल खपत पर पड़ सकता है।

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