SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है। आखिर SIP की शुरुआत कितने रुपये से करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000, ₹5,000 या इससे भी ज्यादा?
SIP Calculator: म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है। आखिर SIP की शुरुआत कितने रुपये से करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000, ₹5,000 या इससे भी ज्यादा?
इसका कोई एक जवाब नहीं है। सही SIP वही है, जिसे आप हर महीने बिना रुके लंबे समय तक जारी रख सकें। निवेश की दुनिया में बड़ी रकम से शुरुआत करने से ज्यादा जरूरी है नियमित निवेश करना। यही आदत आगे चलकर बड़ी पूंजी बना सकती है।
₹500 की SIP से भी हो सकती है शुरुआत
आज ज्यादातर म्यूचुअल फंड में सिर्फ ₹500 महीने से SIP शुरू की जा सकती है। अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं या नौकरी की शुरुआत की है, तो छोटी रकम से शुरुआत करना बिल्कुल सही फैसला हो सकता है।
मान लीजिए आपने 25 साल की उम्र में ₹500 महीने की SIP शुरू की। अगर आपको औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है और आप 35 साल तक निवेश जारी रखते हैं, तो आपके पास 32 लाख का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें कुल निवेश सिर्फ ₹2.10 लाख का होगा यानी आपको करीब 30 लाख मुनाफा मिलेगा।
₹1,000 या ₹5,000 की SIP में कितना फर्क पड़ता है?
अब मान लीजिए निवेश की अवधि 25 साल है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।
| मासिक SIP | कुल निवेश | अनुमानित फंड |
| ₹500 | ₹1.50 लाख | ₹9.5 लाख |
| ₹1,000 | ₹3 लाख | ₹19 लाख |
| ₹5,000 | ₹15 लाख | ₹95 लाख |
यही कंपाउंडिंग की ताकत है। जितनी बड़ी SIP और जितना लंबा समय, उतना बड़ा फंड बनने की संभावना।
कंपाउंडिंग आखिर होती क्या है?
मान लीजिए आपने ₹5,000 की SIP शुरू की। पहले साल आपको रिटर्न मिला। अगले साल सिर्फ आपके निवेश पर ही नहीं, बल्कि पहले साल के मुनाफे पर भी रिटर्न मिलने लगता है। इसे ही कंपाउंडिंग कहते हैं।
यानी आपका पैसा खुद भी कमाई करने लगता है। इसलिए निवेश में समय सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।
मार्केट गिर जाए तो क्या SIP बंद कर देनी चाहिए?
यही सबसे बड़ी गलती होती है। जब बाजार गिरता है, तब आपकी SIP से ज्यादा यूनिट खरीदने को मिलती हैं। बाद में बाजार संभलता है, तो यही यूनिट बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।
उदाहरण के लिए, पहले महीने NAV ₹100 था। ₹5,000 में 50 यूनिट मिलीं। अगले महीने बाजार गिरा और NAV ₹80 हो गया। अब ₹5,000 में 62.5 यूनिट मिल गईं। यानी बाजार गिरने पर भी आपका निवेश आपके लिए ज्यादा यूनिट खरीद रहा होता है। इसलिए गिरावट हमेशा नुकसान नहीं होती।
सैलरी बढ़े तो SIP भी बढ़ाइए
अगर हर साल आपकी सैलरी बढ़ती है, तो SIP भी बढ़ानी चाहिए। इसे Step-Up SIP कहते हैं। मान लीजिए आपने ₹5,000 महीने की SIP शुरू की। अगर 25 साल तक रकम नहीं बढ़ाई, तो 12% सालाना रिटर्न के हिसाब से फंड करीब ₹95 लाख बन सकता है।
लेकिन अगर हर साल SIP सिर्फ 10% बढ़ाते रहे, तो यही फंड करीब ₹2 करोड़ तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ SIP बढ़ाने की आदत से आपका फंड दोगुना से भी ज्यादा हो सकता है।
कितनी SIP आपके लिए सही है?
इसका आसान नियम है। अगर आपकी मासिक कमाई ₹40,000 है, तो कोशिश करें कि कम से कम 10% यानी ₹4,000 निवेश करें। अगर अभी इतना मुमकिन नहीं है, तो ₹500 या ₹1,000 से शुरुआत करें। सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश शुरू हो। बाद में कमाई बढ़ने पर SIP भी बढ़ाते रहें।
निवेश शुरू करने से पहले ये 5 बातें याद रखें
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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