SIP Calculator: 60 की उम्र में चाहिए ₹5 करोड़ का फंड? जानिए किस उम्र में हर महीने कितने की करनी होगी SIP

SIP Calculator For Retirement Corpus: क्या आप जानते हैं कि 25 की उम्र में सिर्फ ₹8000 की SIP से बनने वाला ₹5 करोड़ का फंड, 40 की उम्र में ₹50000 प्रति महीने का बोझ बन जाता है? 60 की उम्र में आरामदायक रिटायरमेंट के लिए कम्पाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है और सिर्फ 10 साल की देरी से आपका निवेश बजट तीन गुना से ज्यादा कैसे बढ़ जाता है?

अपडेटेड Aug 23, 2026 पर 9:37 AM
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25 की उम्र में सिर्फ ₹8000 की SIP से बनने वाला ₹5 करोड़ का फंड, 40 की उम्र में ₹50000 प्रति महीने का बोझ बन जाता है

Mutual Fund SIP Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद सुकून भरी जिंदगी जीने के लिए ₹5 करोड़ का बड़ा फंड तैयार करना एक मुश्किल लक्ष्य लग सकता है। लेकिन अगर आप समय रहते और सही योजना के साथ म्यूचुअल फंड में SIP शुरू करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत से यह बेहद आसान हो जाता है।

आपके पास रिटायरमेंट के लिए कितना समय बचा है, यही तय करता है कि आपको हर महीने कितना निवेश करना होगा। 25 साल की उम्र में शुरू करने वाले व्यक्ति को जहां कम राशि की जरूरत होती है, वहीं 40 की उम्र में शुरुआत करने पर जेब पर ज्यादा बोझ पड़ता है।

60 साल की उम्र तक ₹5 करोड़ बनाने का आसान गणित


अगर हम म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए औसतन 12% का वार्षिक रिटर्न मानकर चलें और SIP की राशि में हर साल कोई बढ़ोतरी (Step-up) न करें, तो 60 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट पर ₹5 करोड़ का फंड जुटाने के लिए आपकी उम्र के हिसाब से मंथली SIP का हिसाब कुछ इस प्रकार होगा:

60 साल की उम्र तक ₹5 करोड़ बनाने का आसान गणित

उम्र के साथ कितना बदल जाता है गणित?

30 साल का निवेशक: अगर आपकी उम्र 30 साल है, तो आपके पास 60 की उम्र तक निवेश के लिए 30 साल का समय है। आपको हर महीने ₹14,500 की SIP करनी होगी। आपका कुल निवेश ₹52.20 लाख होगा और आपका फंड ₹5.12 करोड़ तक पहुंच सकता है।

देरी करने का नुकसान: अगर आप यही शुरुआत 40 की उम्र में करते हैं, तो आपको ₹5 करोड़ तक पहुंचने के लिए हर महीने ₹50,000 लगाने पड़ेंगे। यानी केवल 10 साल की देरी से आपकी मासिक SIP की राशि 3 गुना से ज्यादा बढ़ जाती है।

रिटायरमेंट प्लानिंग से पहले ध्यान रखें ये बातें

आज के ₹5 करोड़ की कीमत 25 या 30 साल बाद महंगाई के कारण कम हो जाएगी। इसलिए अपनी निवेश राशि को हर साल अपनी सैलरी या आय बढ़ने के साथ बढ़ाते रहें। सारा पैसा केवल एक जगह लगाने के बजाय अपने रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से म्यूचुअल फंड्स, इक्विटी, पीपीएफ (PPF), और एफडी (FD) जैसे विकल्पों में मिलाकर निवेश करें। यानी डाइवर्सिफिकेशन सबसे ज्यादा जरूरी है। वैसे 12% का अनुमानित रिटर्न बाजार के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर आधारित है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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