SIP Calculator: ₹500 की SIP से ₹2 लाख का फंड कैसे बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP Calculator: ₹500 की छोटी SIP से ₹2 लाख का फंड बनाने में कितना समय लगेगा? 12%, 15% और 18% रिटर्न पर पूरा हिसाब समझिए। जानिए कितने साल निवेश करना होगा, आपकी जेब से कितना पैसा लगेगा और कंपाउंडिंग कितना असर डालेगी।

अपडेटेड Aug 31, 2026 पर 7:00 AM
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अगर SIP पर औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो टारगेट करीब 12 साल में पूरा हो सकता है।

SIP Calculator: हर महीने ₹500 बचाकर निवेश करना मामूली लग सकता है। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने पर अच्छा फंड बन सकता है। SIP में समय और कंपाउंडिंग, दोनों का फायदा मिलता है।

अगर आपका टारगेट ₹2 लाख का फंड बनाना है, तो ₹500 की मंथली SIP से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए अलग-अलग रिटर्न पर निवेश की अवधि बदल जाएगी। 12% रिटर्न पर ज्यादा समय लगेगा। वहीं 18% रिटर्न मिलने पर टारगेट जल्दी पूरा हो सकता है।

₹500 की SIP से ₹2 लाख कब बनेंगे?


नीचे का हिसाब हर महीने ₹500 की SIP के आधार पर है। अलग-अलग अनुमानित रिटर्न पर ₹2 लाख तक पहुंचने का समय देखें।

सालाना अनुमानित रिटर्न
₹2 लाख तक पहुंचने में समय कुल SIP निवेश अनुमानित फंड
12% 13 साल 5 महीने ₹80,500 ₹2,00,130
15% 12 साल ₹72,000 ₹2,01,792
18% 10 साल 10 महीने ₹65,000 ₹2,00,552

12% रिटर्न पर कितना समय लगेगा?

मान लीजिए आप हर महीने ₹500 की SIP शुरू करते हैं। अगर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो ₹2 लाख का फंड बनाने में करीब 13 साल 5 महीने लगेंगे।

इस दौरान आपकी जेब से कुल ₹80,500 जाएंगे। बाकी करीब ₹1.20 लाख रिटर्न से जुड़ सकते हैं। यानी लंबे समय तक निवेश करने का फायदा यहां साफ दिखता है।

15% रिटर्न पर क्या होगा?

अगर SIP पर औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो टारगेट करीब 12 साल में पूरा हो सकता है। इस दौरान आपका कुल निवेश ₹72,000 होगा।

इसके बाद कंपाउंडिंग रिटर्न को तेजी से बढ़ाने में मदद करती है। इसी वजह से फंड करीब ₹2 लाख तक पहुंच सकता है। 12% रिटर्न के मुकाबले आपका टारगेट जल्दी पूरा हो सकता है।

18% रिटर्न मिलने पर कितना वक्त लगेगा?

अगर औसतन 18% सालाना रिटर्न मिलता है, तो ₹2 लाख का फंड करीब 10 साल 10 महीने में बन सकता है। इस दौरान आपकी जेब से कुल ₹65,000 का निवेश होगा।

बाकी रकम रिटर्न से जुड़ सकती है। हालांकि, इतना रिटर्न हर साल मिलना मुश्किल होता है। कुछ मिड कैप और स्मॉल कैप ने लंबी अवधि में ऐसा रिटर्न दिया है। लेकिन, इसमें जोखिम अधिक रहता है।

SIP में समय सबसे बड़ा साथी है

छोटी रकम से SIP शुरू करने वालों को जल्दी अमीर बनने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। असली फायदा समय देने में है। आप जितने लंबे समय तक निवेश करेंगे, कंपाउंडिंग को उतना ज्यादा समय मिलेगा।

अगर आपकी आमदनी बढ़े, तो SIP की रकम भी धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती है। उदाहरण के लिए ₹500 से शुरुआत के बाद इसे ₹1,000 या उससे ज्यादा किया जा सकता है। इससे ₹2 लाख का टारगेट और जल्दी पूरा हो सकता है।

रिटर्न की कोई गारंटी नहीं

यहां समझना जरूरी है कि 12%, 15% और 18% सिर्फ अनुमानित रिटर्न हैं। म्यूचुअल फंड में रिटर्न पहले से तय नहीं होता। बाजार ऊपर-नीचे होने से असली रिटर्न अलग हो सकता है।

इसलिए SIP शुरू करते समय सिर्फ ज्यादा रिटर्न पर ध्यान नहीं देना चाहिए। अपने लक्ष्य और निवेश की अवधि को भी देखना जरूरी है। छोटी SIP को भी लंबा समय दिया जाए, तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है।

निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • निवेश शुरू करने से पहले अपना लक्ष्य और निवेश की अवधि तय करें।
  • ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में अपनी जोखिम उठाने की क्षमता से ज्यादा जोखिम न लें।
  • बाजार में गिरावट आने पर घबराकर SIP बंद करने से बचें।
  • आमदनी बढ़ने के साथ SIP की रकम बढ़ाने पर भी विचार करें।
  • इमरजेंसी के लिए अलग फंड रखें। जरूरत पड़ने वाली रकम निवेश में न लगाएं।
  • निवेश से पहले फंड की कैटेगरी, जोखिम और अपने लक्ष्य के हिसाब से उसकी उपयोगिता जरूर देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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